राजस्थान में भाजपा सरकार के दो साल पूरे हो चुके हैं। इस मौके पर जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी सरकार की उपलब्धियों का बखान कर रही है, वहीं विपक्ष ने सरकार की विफलताओं को निशाने पर लिया है। कांग्रेस नेता और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने गुरुवार को कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार प्रशासन पर अपनी पकड़ खो चुकी है और सत्ता के कई केंद्रों से इसका संचालन हो रहा है।
“डबल इंजन सिर्फ धुआं उगल रहा है”
पायलट ने कहा, “सरकार में आपसी तनाव इतना अधिक है कि वे प्रशासनिक नियंत्रण तक खो बैठे हैं। ‘डबल इंजन’ की सरकार का इंजन अब केवल धुआं उगल रहा है, आगे नहीं बढ़ रहा।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार पंचायत और अन्य स्थानीय निकायों के चुनाव कराने से कतरा रही है, जो लोकतंत्र के लिए घातक है।
“अधिकारियों की मनमानी, जनता की उपेक्षा”
टोंक में मीडिया से बात करते हुए पायलट ने कहा, “राज्य में अधिकारी पूरी तरह हावी हैं और मनमानी से काम कर रहे हैं। जिन कामों को कांग्रेस सरकार में मंजूरी दी गई थी, वे भी पूरी तरह ठप हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का पूरा ध्यान दिल्ली में अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने और कुर्सी बचाने पर केंद्रित है, जबकि जनता की समस्याओं की अनदेखी हो रही है।
“जनता का भरोसा कांग्रेस के साथ”
सचिन पायलट ने दावा किया कि राज्य की जनता आज भी कांग्रेस पर भरोसा करती है और आने वाले समय में यही विश्वास चुनावों में जीत दिलाएगा। उन्होंने टोंक में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर बिजली, पेयजल और आम जनता की समस्याओं पर शीघ्र समाधान के निर्देश भी दिए।