बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को गया जिले के दशरथ नगर गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ‘माउंटेन मैन’ के नाम से प्रसिद्ध दशरथ मांझी के परिवार से मुलाकात की। दशरथ के बेटे भागीरथ मांझी ने पारंपरिक अंदाज में उनका स्वागत किया। राहुल गांधी ने परिवार के साथ बैठकर नारियल पानी साझा किया और उनकी वित्तीय समस्याओं को सुना। उन्होंने गंभीर चर्चा के दौरान परिवार की परेशानियों पर सहानुभूति व्यक्त की।
जातिगत जनगणना पर राहुल गांधी का हमला
सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि “मोदी सरकार कभी भी असली जातिगत जनगणना नहीं करवाएगी, क्योंकि जिस दिन यह हो गई, उस दिन बीजेपी की राजनीति खत्म हो जाएगी।”
उन्होंने दावा किया कि जातिगत जनगणना के दो मॉडल हैं—एक बीजेपी का मॉडल और दूसरा तेलंगाना का।
बीजेपी मॉडल बनाम तेलंगाना मॉडल
राहुल गांधी ने बीजेपी मॉडल की आलोचना करते हुए कहा कि उसमें बंद कमरे में बैठकर अफसरों ने सवाल तय किए, जिनमें देश की 90% आबादी को दरकिनार कर दिया गया।
इसके विपरीत उन्होंने तेलंगाना मॉडल का उदाहरण दिया, जहां सवाल जनता की भागीदारी से तैयार किए गए।
उन्होंने बताया कि “करीब 3 लाख लोगों ने खुली बैठकों में अपने सवाल दिए, जिनमें दलित, पिछड़े, आदिवासी, अल्पसंख्यक सभी शामिल थे।”
“मोदी OBC हैं, पर देश में जाति नहीं?”
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा,
“मोदी हर भाषण में कहते हैं कि वो OBC हैं, लेकिन जब जातिगत जनगणना की बात आती है तो कहते हैं भारत में जाति ही नहीं है। अगर जाति नहीं है, तो मोदी OBC कैसे हुए?”
“सरेंडर करने की आदत है मोदी को”
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आंख से आंख मिलाकर जातिगत जनगणना की बात कही थी।
“मुझे पता है, उन्हें सरेंडर करने की आदत है।”
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य है – जातिगत जनगणना को हर हाल में कराना।