अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमन ने पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल से वाशिंगटन में मुलाकात के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कदम उठाने होंगे। शेरमन ने इस आतंकी संगठन की 2002 में डेनियल पर्ल की हत्या में भूमिका की याद दिलाई। पर्ल अमेरिकी पत्रकार थे, जिनका अपहरण कर पाकिस्तान में हत्या कर दी गई थी।
आतंकवाद पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया की पृष्ठभूमि
यह बैठक ऐसे समय हुई जब कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व में भारतीय बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल भी अमेरिका में मौजूद है। प्रतिनिधिमंडल ने ऑपरेशन सिंदूर और 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की आतंकवाद-रोधी नीति की जानकारी अमेरिकी अधिकारियों को दी है।
ओसामा बिन लादेन का पता लगाने वाले डॉक्टर की रिहाई की अपील
ब्रैड शेरमन ने पाकिस्तान से डॉ. शकील अफरीदी को रिहा करने की भी मांग की, जिन्होंने ओसामा बिन लादेन की जानकारी अमेरिका को दी थी। अफरीदी को 2011 में पाकिस्तान ने गिरफ़्तार कर 33 साल की सजा दी थी। शेरमन ने कहा कि अफरीदी की रिहाई, 9/11 पीड़ितों के प्रति न्याय की दिशा में एक सार्थक कदम होगी।
धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता
शेरमन ने पाकिस्तान में ईसाई, हिंदू और अहमदिया मुसलमानों के खिलाफ हो रहे भेदभाव और हिंसा पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को बिना डर के अपने धर्म का पालन करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।