कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि पाकिस्तान के 81% रक्षा उपकरण चीन से आते हैं, इसलिए भारत-पाक तनाव के बीच चीन को नजरअंदाज करना असंभव है।
थरूर, जो अमेरिका में ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान के आतंकवाद समर्थक गठजोड़ को उजागर करने वाले संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, ने बताया कि बीआरआई के तहत चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा सबसे बड़ी परियोजना है।
उन्होंने कहा, “यह बचाव नहीं, बल्कि आक्रमक समर्थन है। पाकिस्तान के साथ हमारे टकराव में चीन एक अहम और नजरअंदाज न किए जाने वाला कारक है।”
थरूर ने 2020 में गलवान घाटी झड़प के बाद भारत-चीन संबंधों में हुई प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत ने चीन के साथ संवाद के खुले चैनल बनाए रखे हैं और विकास, वृद्धि व व्यापार पर ध्यान केंद्रित किया है।
थरूर ने स्पष्ट किया कि चीन के साथ भारत का व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर है, लेकिन सुरक्षा चुनौतियों को नजरअंदाज करना भूल होगी।