उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की घटना ने करोड़ों राम भक्तों की आस्था को आहत किया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले को आधार बनाकर अयोध्या, श्रीराम जन्मभूमि और हिंदू आस्था को बदनाम करने की कोशिश उचित नहीं है।
‘इंडिया टुडे समूह’ के कार्यक्रम ‘पंचायत आज तक’ में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है और कानून अपना काम कर रहा है।
SIT रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट एक स्वतंत्र संस्था है और सरकार को उसके प्रशासनिक मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। ट्रस्ट की ओर से जांच का अनुरोध मिलने के बाद राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।
उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट मिलते ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई गई।
छह आरोपी गिरफ्तार, दो अन्य भी हिरासत में
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि कथित चोरी के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा उनकी मदद करने के आरोप में दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।
उन्होंने कहा कि मामले में नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी अपने पदों से इस्तीफा दिया है।
‘आस्था को बदनाम करना ठीक नहीं’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी अपराध की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई आवश्यक है, लेकिन इस घटना का इस्तेमाल अयोध्या, श्रीराम जन्मभूमि और करोड़ों हिंदुओं की आस्था को निशाना बनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल इस घटना को लेकर अनावश्यक राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई पहले ही शुरू की जा चुकी है।
सपा और कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज आस्था की राजनीति की बात कर रहे हैं, उनका इतिहास धार्मिक परंपराओं और आस्था से जुड़े मुद्दों के प्रति अलग रहा है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल करने के बजाय सभी दलों को कानून की प्रक्रिया और जांच पर भरोसा रखना चाहिए।