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J&K में आतंक पर चौतरफा प्रहार, मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का बड़ा असर

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जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों का अभियान लगातार तेज़ होता जा रहा है। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) मिलकर आतंक के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी हैं। पुंछ में आतंकी ठिकाने को नष्ट करने से लेकर राजौरी में तलाशी अभियान, सांबा में संदिग्ध ड्रोन की बरामदगी और पहलगाम आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट तक, हर कार्रवाई यह संदेश दे रही है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अब किसी भी तरह की नरमी बरतने के मूड में नहीं है।

पुंछ में आतंकी ठिकाना ध्वस्त, भारी मात्रा में कारतूस बरामद

पुंछ जिले के सीमावर्ती सावजियान सेक्टर में सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान चलाकर आतंकवादियों के एक ठिकाने का पता लगाया और उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया।

पुलिस, सीआरपीएफ और सेना की संयुक्त कार्रवाई के दौरान ठिकाने से जनरल पर्पज मशीन गन (GPMG) के 246 कारतूस बरामद किए गए। बरामदगी के बाद पूरे ठिकाने को ध्वस्त कर दिया गया ताकि भविष्य में उसका इस्तेमाल किसी आतंकी गतिविधि के लिए न हो सके।

राजौरी में संदिग्ध आतंकियों की तलाश तेज

राजौरी जिले के थानामंडी क्षेत्र में सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध आतंकियों की गतिविधियां सामने आने के बाद व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया है।

सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमें भंगहाई, हस्पलोट, करयोट, कोपरा टॉप और आसपास के गांवों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। भारी बारिश के बावजूद अभियान जारी है।

इसके अलावा मंजाकोट क्षेत्र के जंगलों में भी मई से दो से तीन छिपे आतंकियों की तलाश में अभियान लगातार चल रहा है।

स्थानीय नेटवर्क पर भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर

पुंछ के सुरनकोट क्षेत्र के सांगला और गुंथल गांवों में खुफिया सूचना के आधार पर तलाशी अभियान चलाया गया, जहां पूछताछ के लिए कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।

वहीं, डोडा जिले के गांडोह क्षेत्र के चांटी गांव में एक स्थानीय आतंकवादी के पैतृक घर की तलाशी ली गई, जो वर्तमान में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा है। हालांकि वहां से कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली, लेकिन इस कार्रवाई से साफ है कि सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों के स्थानीय सहायता नेटवर्क पर भी लगातार नजर बनाए हुए हैं।

सांबा में मिला संदिग्ध ड्रोन, जांच शुरू

सांबा जिले के देवक क्षेत्र में एक किसान को खेत में संदिग्ध ड्रोन मिला, जिसके बाद सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं।

ड्रोन को कब्जे में लेकर उसकी तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि ड्रोन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया था और क्या इसका संबंध सीमा पार से हथियार, गोला-बारूद या नशीले पदार्थों की तस्करी से है।

हाफिज सईद के खिलाफ NIA का कानूनी शिकंजा

आतंकवाद के खिलाफ कानूनी मोर्चे पर भी बड़ी कार्रवाई हुई है। पहलगाम आतंकी हमले की जांच कर रही एनआईए की विशेष अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है।

एनआईए ने अपने पूरक आरोपपत्र में उसे आरोपी बनाया है। अदालत का मानना है कि निष्पक्ष और प्रभावी जांच के लिए उसकी गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।

हाफिज सईद पहले से ही वैश्विक आतंकवादी घोषित है और उसे 26/11 मुंबई हमलों का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है। अब पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे, की हत्या के मामले में भी उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है।

आतंक के पूरे नेटवर्क पर एक साथ कार्रवाई

जम्मू-कश्मीर में चल रही ये सभी कार्रवाइयां इस बात का संकेत हैं कि सुरक्षा एजेंसियां अब केवल आतंकियों का मुकाबला ही नहीं कर रहीं, बल्कि उनके पूरे तंत्र को खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही हैं।

सीमा पार बैठे आतंकी सरगनाओं से लेकर स्थानीय मददगारों, छिपे ठिकानों और लॉजिस्टिक नेटवर्क तक हर स्तर पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। केंद्र सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सुरक्षा अभियान, खुफिया कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया एक साथ आगे बढ़ रही हैं।

स्पष्ट संदेश है कि देश की सुरक्षा को चुनौती देने वाली किसी भी आतंकी साजिश को अब न केवल नाकाम किया जाएगा, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क को भी जड़ से समाप्त करने की दिशा में निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी।

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