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World Braille Day 2024: कैसे हुआ था ब्रेल लिपि का आविष्कार व किसने की थी इस दिन को मनाने की शुरुआत

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नई दिल्ली,(नेशनल थॉट्स ) : हर साल 4 जनवरी को दुनियाभर में ब्रेल दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो उन लोगों के लिए विशेष महत्वपूर्ण है जो देख पाने में असमर्थ हैं। इस दिन का मुख्य उद्देश्य नेत्रहीन लोगों के जीवन के चुनौतीपूर्ण पहलुओं, उनके अधिकारों, और समानता के सिद्धांत पर ध्यान केंद्रित करके उनके साथ खड़ा होना है। विश्व ब्रेल दिवस का आयोजन लुइस ब्रेल के जन्मदिवस के रूप में किया जाता है। लुइस ब्रेल ने ब्रेल लिपि का आविष्कार करके दृष्टिहीन लोगों को पढ़ा-लिखा करने की सुविधा दी, जिससे वे समाज में समर्थ हो सकें।
 

How did World Braille Day start?

संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 6 नवंबर 2018 को एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसमें हर साल 4 जनवरी को ब्रेल लिपि की खोज करने वाले लुइस ब्रेल के जन्मदिन यानी 4 जनवरी को वर्ल्ड ब्रेल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। पहली बार इस दिन को 4 जनवरी 2019 को मनाया गया था। नेत्रहीन लोगों के लिए ब्रेल लिपि एक बहुत बड़ी खोज साबित हुई और इसकी मदद से ऐसे लोग भी पढ़ाई से महरूम नहीं हैं।

Theme of World Braille Day
हर साल ब्रेल दिवस को एक नई थीम के साथ सेलिब्रेट किया जाता है। इस साल की थीम है ‘Empowering Through Inclusion and Delivery’

How was Braille script invented?
लुइस ब्रेल के पिता साइमन रेले ब्रेल, शाही घोड़ों के लिए काठी एवं जीन बनाने का काम करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने की वजह से 3 साल की उम्र से ही लुइस भी इस काम में अपने पिता का हाथ बंटाने लगे। एक दिन काम करते हुए उनकी एक आंख में चाकू घुस गया था जिससे उन्हें एक हाथ से दिखना बंद हो गया। धीरे-धीरे उनकी दूसरी आंख में भी परेशानी बढ़ने लगी और इसके चलते दूसरी आंखों की रोशनी भी चली गई। 8 साल की उम्र में ही लुइस अंधे हो गए।

इसके बाद लुइस ब्रेल को पढ़ाई के लिए नेत्रहीन लोगों के स्कूल में एडमिशन कराया गया। जहाँ उन्हें आर्मी की एक ऐसी लिखावट के बारे में पता चला जिसे अंधेरे में भी उंगलियों की मदद से पढ़ा जा सकता है। इस आइडिया से उन्हें ब्रेल लिपि के आविष्कार की प्रेरणा मिली। 

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