NATIONAL THOUGHTS

A Web Portal Of Positive Journalism 

बांग्लादेश में फिर हिंसा और धमाके: क्या शेख हसीना की वापसी संभव?

Share This Post

भारत में निर्वासन झेल रहीं **बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना** ने संकेत दिए हैं कि उनकी **वापसी तभी संभव होगी** जब देश में “**सहभागी लोकतंत्र**” बहाल किया जाएगा, उनकी पार्टी **अवामी लीग** पर से प्रतिबंध हटेगा और **स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव** कराए जाएंगे।
भारत में एक अज्ञात स्थान से **पीटीआई को दिए विशेष ईमेल साक्षात्कार** में हसीना ने वर्तमान **मुहम्मद यूनुस नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार** पर आरोप लगाया कि वह भारत के साथ संबंधों को नुकसान पहुँचा रही है और **चरमपंथी ताकतों को बढ़ावा दे रही है**।

ढाका में तनाव चरम पर, बम धमाकों और आगजनी से दहला देश

शेख हसीना के खिलाफ **गुरुवार को आने वाले अहम फैसले** से पहले बांग्लादेश में हिंसा भड़क उठी है।
पिछले दो दिनों में **ढाका, गाज़ीपुर और ब्राह्मणबरिया** जैसे शहरों में **आगजनी और देसी बम धमाकों** की कई घटनाएँ हुई हैं।
इनसे **2024 के छात्र आंदोलनों** की यादें ताज़ा हो गई हैं, जिनमें 500 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।

ढाका में अवामी लीग द्वारा “**तालाबंदी**” के आह्वान के बाद, राजधानी **किले में तब्दील** हो गई है।
पुलिस और **बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB)** की भारी तैनाती की गई है।
राजधानी के प्रवेश द्वारों पर **चौकियाँ बनाई गई हैं** और वाहनों की **कड़ी जाँच** हो रही है।

हसीना पर मानवता विरोधी अपराधों के आरोप

अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) **हसीना और उनके सहयोगियों के खिलाफ मानवता के विरुद्ध अपराध** से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहा है।
उन्हें **हत्या और साजिश** सहित कई गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।
हसीना पिछले वर्ष **अगस्त 2024 में भारत आई थीं**, जब विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के बीच उन्होंने ढाका छोड़ दिया था।

ढाका में जनजीवन ठप्प, सरकार ने अवामी लीग को ठहराया ज़िम्मेदार

स्थानीय मीडिया **‘द डेली स्टार’** के अनुसार, ताज़ा राजनीतिक हिंसा ने ढाका में सामान्य जनजीवन को ठप्प कर दिया है।
सरकार ने इन घटनाओं के लिए **अवामी लीग समर्थकों को ज़िम्मेदार** बताया है।
गाज़ीपुर और ब्राह्मणबरिया में **ग्रामीण बैंक की शाखाओं को निशाना बनाया गया**, जिनमें से एक में आगजनी से सभी दस्तावेज़ और फर्नीचर नष्ट हो गए।

ग्रामीण बैंक और यूनुस पर भी हमला

हमलावरों ने जिस **ग्रामीण बैंक शाखा** को आग के हवाले किया, उसकी स्थापना **मुहम्मद यूनुस** ने 1983 में की थी — जो अब देश के **अंतरिम प्रमुख** हैं।
यह बैंक गरीबों को लघु ऋण देने की दिशा में विश्वभर में प्रसिद्ध हुआ था, लेकिन अब यूनुस खुद **राजनीतिक विवादों और सुरक्षा संकट** के केंद्र में हैं।

भारत-बांग्लादेश संबंधों की परीक्षा

शेख हसीना ने अपने साक्षात्कार में कहा कि उनकी विदेश नीति हमेशा **भारत के साथ गहरे और स्थायी संबंधों** पर केंद्रित रही है।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार की “**अराजक नीतियाँ और मूर्खता**” दोनों देशों के बीच दशकों पुराने भरोसे को कमजोर कर रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *