प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने आ रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। लेकिन इस धार्मिक आयोजन को बदनाम करने के लिए एक बड़ी साजिश रची गई। सोशल मीडिया पर महिलाओं के स्नान के आपत्तिजनक वीडियो अपलोड कर उन्हें पैसे लेकर बेचा जा रहा था।
पुलिस का एक्शन: 113 संदिग्ध चिन्हित, 13 FIR दर्ज
इस गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 113 लोगों को चिन्हित किया है और अब तक 13 एफआईआर दर्ज की हैं। प्रयागराज पुलिस के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द होगी और पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जाएगा। पुलिस इस रैकेट से जुड़े हर व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है ताकि इसे पूरी तरह खत्म किया जा सके।
₹1,999 से ₹3,000 में बेचे जा रहे थे वीडियो
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये आपत्तिजनक वीडियो फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे प्लेटफार्मों पर अपलोड किए गए थे। इनमें महिलाएं तौलिए से खुद को ढकते या कपड़े बदलते नजर आ रही थीं। इन वीडियो को ‘महाकुंभ गंगा स्नान प्रयागराज’ जैसे कैप्शन और #महाकुंभ2025, #गंगास्नान, #प्रयागराजकुंभ जैसे हैशटैग के साथ शेयर किया गया। वीडियो तक पहुंचने के लिए ₹1,999 से ₹3,000 तक की राशि वसूली जा रही थी।
सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच शुरू
सबसे पहले 17 फरवरी को एक इंस्टाग्राम अकाउंट के खिलाफ अनुचित वीडियो साझा करने का मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद, 19 फरवरी को एक टेलीग्राम चैनल पर इसी तरह की सामग्री बेचने की जानकारी मिली। कोतवाली कुंभ मेला पुलिस स्टेशन इस पूरे मामले की जांच कर रहा है और संदिग्ध अकाउंट्स की जानकारी के लिए मेटा (इंस्टाग्राम की मूल कंपनी) से संपर्क किया गया है।
जल्द होगी गिरफ्तारी, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय
योगी सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस जल्द ही इस पूरे रैकेट को उजागर कर कानूनी कार्रवाई करेगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हो सकें।