लंबे अंतराल के बाद नेहरू-गांधी परिवार के सदस्य वरुण गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने परिवार की एक तस्वीर साझा की है। इस मुलाकात ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
वरुण गांधी, जो कभी प्रधानमंत्री के करीबी माने जाते थे, हाल के वर्षों में भाजपा की नीतियों—खासकर किसानों से जुड़े मुद्दों—पर आलोचनात्मक रुख के कारण दूरी बना चुके थे। अब इस मुलाकात को उनके राजनीतिक भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर क्या बोले वरुण गांधी
वरुण गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि:
“परिवार सहित श्रद्धेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से मिलकर उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन पाने का सौभाग्य मिला। आपसे हुई भेंट ने यह विश्वास और मजबूत किया कि आप देशवासियों के सच्चे अभिभावक हैं।”
उनके इस बयान को राजनीतिक संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
टिकट न मिलने के बाद बढ़ी अटकलें
पीलीभीत से तीन बार सांसद रहे वरुण गांधी को 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने टिकट नहीं दिया था। उनकी मां मेनका गांधी भी इस बार टिकट से वंचित रहीं।
इस फैसले के बाद से ही वरुण गांधी के राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।
मेनका गांधी का बयान
मेनका गांधी ने उस समय कहा था कि:
यह पार्टी का निर्णय है
वरुण गांधी ने एक सक्षम सांसद के रूप में काम किया है
वे भविष्य में भी देश की सेवा करते रहेंगे
पीलीभीत सीट पर परिवार का दबदबा
पीलीभीत सीट पर 1996 से लगातार मेनका गांधी या वरुण गांधी का कब्जा रहा है।
2009 लोकसभा चुनाव: वरुण गांधी ने कांग्रेस के वीएम सिंह को हराया
2019 लोकसभा चुनाव: सपा के हेमराज वर्मा को मात देकर जीत दर्ज की
क्या BJP में वापसी के संकेत?
PM मोदी से हुई इस मुलाकात के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या वरुण गांधी की भाजपा में भूमिका फिर से मजबूत हो सकती है। हालांकि, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सियासी अटकलें तेज हो गई हैं।