Delhi High Court ने मंगलवार को एक अहम आदेश देते हुए केंद्रीय मंत्री Hardeep Singh Puri की बेटी Himayani Puri को अमेरिकी यौन अपराधी Jeffrey Epstein से जोड़ने वाली सोशल मीडिया सामग्री को 24 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने सोशल मीडिया पर रोक लगाई
न्यायमूर्ति Mini Pushkarna ने कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को इस तरह की सामग्री को प्रकाशित, प्रसारित या साझा करने से भी रोक दिया है।
अदालत ने साफ किया कि:
यदि उपयोगकर्ता पोस्ट नहीं हटाते हैं,
तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म खुद ऐसी सामग्री को हटाएंगे या उसकी पहुंच ब्लॉक करेंगे।
अदालत की टिप्पणी: ‘प्रथम दृष्टया मामला बनता है’
कोर्ट ने पाया कि हिमायनी पुरी के पक्ष में प्रथम दृष्टया मामला बनता है।
अदालत ने कहा कि यदि तुरंत राहत नहीं दी गई, तो याचिकाकर्ता को अपूरणीय क्षति हो सकती है।
इसी आधार पर अगली सुनवाई तक ये अंतरिम निर्देश जारी किए गए हैं।
मामले की अगली सुनवाई अगस्त में तय की गई है।
क्या हैं ‘एपस्टीन फाइल्स’?
Jeffrey Epstein से जुड़ी तथाकथित “एपस्टीन फाइल्स” हजारों पन्नों के दस्तावेज़ हैं, जिनमें:
यात्रा रिकॉर्ड
ईमेल
ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग
शामिल हैं। ये दस्तावेज़ उनकी सहयोगी Ghislaine Maxwell के साथ जुड़े मामलों से संबंधित हैं और 2019 में एपस्टीन की हिरासत में मौत के बाद से चर्चा में रहे हैं।
याचिका में क्या आरोप लगाए गए
याचिका में दावा किया गया है कि:
कई सोशल मीडिया अकाउंट्स ने भ्रामक और सनसनीखेज कंटेंट फैलाया
एडिटेड वीडियो, गलत कैप्शन और छेड़छाड़ किए गए थंबनेल का इस्तेमाल किया गया
इसका उद्देश्य जनता में आक्रोश पैदा करना और कंटेंट को वायरल करना था
याचिका के अनुसार, यह सब वादी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया।
‘सुनियोजित तरीके से किया गया हमला’
याचिका में यह भी कहा गया है कि हिमायनी पुरी को
भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने
उनकी छवि को धूमिल करने
के लिए सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया।
साथ ही यह तर्क दिया गया कि केंद्रीय मंत्री Hardeep Singh Puri के परिवार से जुड़े होने के कारण उन्हें इस तरह के हमलों का सामना करना पड़ रहा है।