कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल में महिला डॉक्टर की हत्या और बलात्कार के मामले में देशभर में डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। यह हड़ताल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के आह्वान पर बुलाई गई है, जिसमें देशभर के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों के डॉक्टर 24 घंटे के लिए हड़ताल पर हैं। यह राष्ट्रव्यापी हड़ताल 17 अगस्त सुबह छह बजे से शुरू हुई थी और अब भी जारी है।
हड़ताल के दौरान आवश्यक सेवाएं चालू हैं ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही कैजुअल्टी वॉर्ड भी खुले हैं। हालांकि, ओपीडी और सर्जरी विभाग में काम ठप है। इस हड़ताल को फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA), इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), और दिल्ली के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन का भी समर्थन प्राप्त है।
इस बीच, FORDA, IMA, और दिल्ली के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से मुलाकात की है। इस दौरान डॉक्टरों की सुरक्षा और अन्य मांगों पर मंत्रालय के साथ चर्चा हुई।
जानकारी के अनुसार, एसोसिएशनों ने कार्यस्थल पर स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताओं और मांगों को मंत्रालय के सामने रखा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उनकी मांगों को ध्यान से सुना और स्वास्थ्य पेशेवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।
मंत्रालय ने कहा कि 26 राज्य पहले ही अपने-अपने क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए कानून पारित कर चुके हैं। एसोसिएशनों की चिंताओं के मद्देनजर, मंत्रालय ने स्वास्थ्य पेशेवरों की सुरक्षा के लिए एक समिति गठित करने का आश्वासन दिया, जिसमें राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
मंत्रालय ने हड़ताल कर रहे डॉक्टरों से अपील की है कि वे व्यापक जनहित में, और डेंगू और मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए, अपनी ड्यूटी पर लौट आएं।