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तमिलनाडु चुनाव: हिंदू वोट बैंक पर फोकस, पवन कल्याण और अन्नामलाई के भाषण से माहौल गर्म

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अगले साल होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण का प्रयास तेज़ हो गया है। दक्षिणपंथी संगठन हिंदू मुन्नानी ने आगामी चुनावों में “हिंदू वोट बैंक की ताकत” दिखाने की अपील की है। चेन्नई में आयोजित भगवान मुरुगन भक्त सम्मेलन में हिंदू एकता और मंदिरों की रक्षा के लिए प्रस्ताव पारित किया गया।

सम्मेलन में पवन कल्याण की मुखर उपस्थिति

आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि “वह धर्मांध हिंदू नहीं, बल्कि प्रतिबद्ध हिंदू हैं।”
उन्होंने तथाकथित धर्मनिरपेक्षतावादियों पर निशाना साधते हुए कहा कि “वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर सिर्फ हिंदू धर्म को निशाना बनाते हैं, बाकी धर्मों के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं करते।”
तमिल में बोलते हुए उन्होंने पासुम्पोन रामलिंगा थेवर को भगवान मुरुगन का अवतार और “पहला क्रांतिकारी नेता” बताया। यह संदेश थेवर समुदाय को साधने की कोशिश मानी जा रही है।

अन्नामलाई का आह्वान: धर्मांतरण रोकें, हिंदू एकता बनाएँ

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कहा कि “हिंदू धर्म से मतांतरण रुकना चाहिए और जो लोग धर्म बदल चुके हैं, उन्हें वापस लौटना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि “हिंदू हमेशा क्षमा करते हैं, लेकिन अब उनके जीवन पर हमला हो रहा है। सत्ता में बैठे नेता हिंदू वोटों से आते हैं और फिर उन्हीं का अपमान करते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि “यहूदियों की जनसंख्या केवल 0.2% है, लेकिन वे चार देशों से अपने अधिकारों के लिए लड़ते हैं, हिंदुओं को भी यही करना होगा।”

सम्मेलन में संघ परिवार और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी

इस कार्यक्रम में भाजपा के तमिलनाडु अध्यक्ष नयनार नागेन्द्रन, केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन, और वरिष्ठ नेता एच. राजा, तमिलीसाई सौंदरराजन और वनाथी श्रीनिवासन भी उपस्थित रहे।
आरएसएस के नेता आर. वन्नियाराजन ने अस्पृश्यता को हिंदू समाज के विघटन का कारण बताया और इसे “पाप” मानते हुए समाप्त करने की बात कही।
हिंदू मुन्नानी नेता भक्तवचलम ने कहा कि “तमिलनाडु में भक्ति है, लेकिन शक्ति नहीं” और माह में एक बार सामूहिक रूप से “कंध शष्ठी कवचम्” के पाठ की अपील की।

एआईएडीएमके की चुप्पी, पर नेता पहुँचे

भले ही एआईएडीएमके ने इस सम्मेलन पर आधिकारिक रूप से चुप्पी साध रखी हो, लेकिन पार्टी के चार पूर्व मंत्री— आरबी उदयकुमार, सेलुर के. राजू, राजेंद्र बालाजी और कडम्बूर राजू — सम्मेलन में शामिल हुए।

विपक्ष का आरोप: भगवान मुरुगन को राजनीति में घसीटा गया

डीएमके सरकार में मंत्री पीके शेखरबाबू ने कहा कि “भगवान मुरुगन राजनीतिक नहीं, आध्यात्मिक पहचान रखते हैं और वे गलत लोगों को आशीर्वाद नहीं देंगे।”
वहीं एनटीके प्रमुख सीमान ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “जब उत्तर भारत में राम, तमिलनाडु में गणेश और केरल में अयप्पा का इस्तेमाल किया गया, अब मुरुगन को राजनीति में घसीटा जा रहा है।”

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