राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ की शाखाएं उसकी बुनियाद हैं। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से आग्रह किया कि वे मिलकर शाखाओं की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास करें। वर्तमान में देशभर में 83,129 शाखाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन संघ का लक्ष्य अपने शताब्दी वर्ष तक यह संख्या 1 लाख तक पहुंचाना है। इस वर्ष विजयादशमी के अवसर पर संघ अपने 100 वर्ष पूरे करेगा।
अलीगढ़ दौरे में शाखा विस्तार और संगठनात्मक बैठकें
भागवत इन दिनों अलीगढ़ के पांच दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने ब्रज क्षेत्र के विभिन्न जिलों के आरएसएस पदाधिकारियों से बैठकें कीं। उन्होंने समाज में संघ की पहुंच को और अधिक बढ़ाने के लिए नई शाखाओं के आयोजन पर बल दिया।
‘पंच परिवर्तन’ पर डाला विशेष ज़ोर
आरएसएस द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि मोहन भागवत ने ‘पंच परिवर्तन’ की अवधारणा को संघ के आगामी कार्यों का आधार बताया। इसमें निम्नलिखित पाँच मूलभूत स्तंभ शामिल हैं:
कुटुंब प्रबोधन
पर्यावरण संरक्षण
सामाजिक सद्भाव
आत्म सुधार
नागरिक कर्तव्य
शाखाओं में होगी भागीदारी
शनिवार को भागवत के दो शाखाओं में भाग लेने की संभावना है। आरएसएस द्वारा जारी विज्ञप्ति में शहर का नाम ‘हरिगढ़’ बताया गया है। पहली शाखा एचबी इंटर कॉलेज में सुबह 7 बजे आयोजित ‘सनातन शाखा’ होगी और दूसरी आगरा रोड स्थित ‘भगत सिंह शाखा’, जिसमें छात्र भी भाग लेंगे।
केशव सेवा धाम में प्रवास
भागवत वर्तमान में अलीगढ़ के सिंघारपुर क्षेत्र में स्थित केशव सेवा धाम में ठहरे हुए हैं और 21 अप्रैल तक वहीं रुकेंगे।