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केदारनाथ-बद्रीनाथ दर्शन करने वालों के लिए ज़रूरी सूचना: चारधाम यात्रा के नए दिशा-निर्देश जारी

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चारधाम यात्रा हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और गौरवशाली तीर्थयात्रा मानी जाती है। इसके अंतर्गत चार प्रमुख तीर्थस्थल — केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री आते हैं। हर वर्ष गर्मियों की शुरुआत में हजारों श्रद्धालु इस आध्यात्मिक यात्रा में भाग लेते हैं।

2025 में कब से शुरू हो रही है यात्रा?

इस वर्ष चारधाम यात्रा की शुरुआत मई महीने से हो रही है।

केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई 2025 को खुलेंगे।

बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 4 मई 2025 को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।

इसके साथ ही:

मदमहेश्वर मंदिर (द्वितीय केदार) का गर्भगृह 21 मई को खुलेगा।

तुंगनाथ मंदिर (तृतीय केदार) भी 2 मई को दर्शन के लिए खुल जाएगा।

बीकेटीसी (श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति) के प्रवक्ता के अनुसार, समिति की अग्रिम टीम पहले ही श्री केदारनाथ धाम पहुंच चुकी है। यह जानकारी समिति के सीईओ विजय प्रसाद थपलियाल की उपस्थिति में आयोजित एक बैठक के बाद साझा की गई।

तीर्थ यात्रा का पारंपरिक क्रम

ऐसा माना जाता है कि चारधाम यात्रा को घड़ी की सुई की दिशा में पूर्ण करना शुभ होता है। इसलिए यात्रा का पारंपरिक क्रम इस प्रकार है:

यमुनोत्री

गंगोत्री

केदारनाथ

बद्रीनाथ

श्रद्धालु यह यात्रा सड़क, हवाई मार्ग या हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से पूरी कर सकते हैं। कुछ लोग केवल केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा कर “दो धाम यात्रा” भी करते हैं।

यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता: मुख्यमंत्री धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10 अप्रैल को कहा कि राज्य सरकार चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया, “हमारी सरकार यात्रा की तैयारियों पर लगातार नजर रखे हुए है। यह यात्रा हमारी अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है और हम इसे हर स्तर पर सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना चाहते हैं।”

चारधाम यात्रा गाइड 2025: क्या रखें ध्यान

यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं:

टीकाकरण प्रमाणपत्र और स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट अनिवार्य है।

सरकारी वेबसाइट पर नाम, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र के साथ पूर्व पंजीकरण आवश्यक है।

सरकार द्वारा निर्धारित आवास और भोजन केंद्रों का उपयोग करना होगा।

आयु और स्वास्थ्य के आधार पर यात्रा की अनुमति दी जाएगी, क्योंकि ऊँचाई पर ऑक्सीजन की कमी स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है।

चारधाम यात्रा की प्रमुख विशेषताएं

आध्यात्मिक अनुभव: यह तीर्थ केवल स्थल भ्रमण नहीं, बल्कि आत्म-शुद्धि का अवसर है।

सरकारी सुरक्षा उपाय: यात्रियों की सुरक्षा के लिए मजबूत इंतज़ाम किए गए हैं।

अनिवार्य ई-पंजीकरण: बिना पंजीकरण यात्रा में भाग लेना संभव नहीं होगा।

स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान: ऊंचाई के कारण यात्रियों के स्वास्थ्य की जांच जरूरी है।

पर्यावरण संरक्षण: प्लास्टिक प्रतिबंधित है, और स्वच्छता बनाए रखना अनिवार्य है।

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