17 अक्टूबर 2025 को रमा एकादशी का पावन पर्व आने वाला है, जब भक्तजन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना कर सुख, समृद्धि और मोक्ष की कामना करते हैं। इस शुभ अवसर पर *“तेरे नाम का सुमिरन करके”* जैसे भावपूर्ण भजन का गायन, भक्ति को और गहरा करता है और घर-आँगन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
नीचे प्रस्तुत हैं इस दिव्य भजन के सम्पूर्ण लिरिक्स:
तेरे नाम का सुमिरन करके
तेरे नाम का सुमिरन करके
मेरे मन में सुख भर आया।
तेरी कृपा को मैंने पाया,
तेरी दया को मैंने पाया।।
दुनियां की ठोकर खाकर,
जब कभी हुआ बेसहारा।
ना पाकर अपना कोई,
जब मैंने तुम्हें पुकारा।।
हे नाथ मेरे सिर ऊपर,
तूने अमृत बरसाया।।
तू संग में था नित मेरे,
ये नैना देख न पाए।
चंचल माया के रंग में,
ये नैन रहे लिपटाए।।
मैं जितनी बार गिरा हूं,
तूने पग-पग मुझे उठाया।।
भवसागर की लहरों में,
भटकी जब मेरी नैया।
तट छूना भी मुश्किल था,
नहीं दीखे कोई खिवैया।।
तू लहर बना सागर की,
मेरी नाव किनारे लाया।।
हर तरफ तुम्हीं हो मेरे,
हर तरफ तेरा उजियारा।
निर्लेप प्रभुजी मेरे,
सब जगत तुम्हीं ने धारा।।
तेरी शरण में आकर दाता,
तेरा तुझ ही को चढ़ाया।।