बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की करारी हार के बाद कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि यह चुनाव शुरू से ही निष्पक्ष नहीं था।
एक्स पर उन्होंने लिखा, **“बिहार का यह परिणाम आश्चर्यजनक है। हम एक ऐसे चुनाव में जीत नहीं सके जो शुरुआत से निष्पक्ष नहीं था।”**
उन्होंने सभी समर्थकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन परिणामों की गहन समीक्षा करेगा।
महागठबंधन की सबसे खराब परफॉर्मेंस
कांग्रेस इस चुनाव में सिर्फ **6 सीटें** जीत पाई, जबकि उसने 61 सीटों पर चुनाव लड़ा था।
राजद का प्रदर्शन इससे भी ज्यादा गिरा—144 सीटों की तुलना में इस बार 143 में से सिर्फ **25 सीटों** पर जीत मिली।
गांधी ने इसे “गंभीर आत्मनिरीक्षण” का समय बताया।
पवन खेड़ा का आरोप—“जनादेश ज्ञानेश कुमार के खिलाफ”
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि शुरुआती रुझानों से ही स्पष्ट था कि **“मुकाबला राजनैतिक दलों का नहीं, ज्ञानेश कुमार और जनता के बीच था।”**
खड़गे बोले—संविधान कमजोर करने वाली ताकतों के खिलाफ लड़ाई जारी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पार्टी जनादेश का सम्मान करती है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से निराश न होने की अपील की।
थरूर की प्रतिक्रिया—“बेहद निराशाजनक, गहन समीक्षा की आवश्यकता”
वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने बिहार के नतीजों को “बेहद निराशाजनक” बताया।
उन्होंने कहा कि पार्टी को रणनीति, संदेश और संगठन—तीनों स्तरों पर आत्मचिंतन करना चाहिए।
जयराम रमेश का तीखा आरोप—“बड़े पैमाने पर वोट चोरी”
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सबसे कड़े शब्दों में चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि यह परिणाम “बड़े पैमाने पर वोट चोरी” का संकेत है, जिसकी “साजिश प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और चुनाव आयोग ने रची।”
एनडीए ने बनाया रिकॉर्ड, महागठबंधन हुआ ध्वस्त
चुनाव आयोग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार—
* **एनडीए: 200 सीटें** (तीन-चौथाई बहुमत)
* **इंडिया ब्लॉक: सिर्फ 35 सीटें**
* राजद: 23 सीटें
* कांग्रेस: 6 सीटें
यह परिणाम विपक्ष के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।