फरीदाबाद में आतंकियों की साजिश का भंडाफोड़ होने के बाद देश हाई अलर्ट पर था। इसी बीच दिल्ली ब्लास्ट से देश पहले ही हिल चुका था कि श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में एक और भीषण विस्फोट हो गया। इस घटना में **9 लोगों की मौत** और **25 से अधिक घायल** हो गए। सवाल उठ रहा है कि यह हादसा पुलिस की चूक थी या आतंकियों की कोई नई चाल?
फरीदाबाद से ज़ब्त विस्फोटकों की जांच के दौरान ब्लास्ट
पुलिस नौगाम थाने में फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से बरामद विस्फोटकों की जांच कर रही थी। नमूने निकालते समय अचानक जोरदार धमाका हुआ।
अब यह जांच का विषय है कि—
* क्या विस्फोटकों को निकालते समय पुलिस से कोई चूक हुई?
* या फिर आतंकियों ने जानबूझकर ऐसा “प्लान B” तैयार किया था कि पकड़े जाने पर भी विस्फोट हो जाए?
इलाके को तुरंत सील कर दिया गया है और जांच जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया—आग और धुएं का खौफनाक मंजर
सीसीटीवी और प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि धमाका इमारत के भीतर हुआ। आग की तेज़ लपटें और काला धुआँ दूर-दूर तक फैल गया। कई लोग अभी भी लापता हैं।
जांचकर्ताओं के अनुसार, **300 फीट दूर तक मानव अंग मिले**, जो विस्फोट की भयावहता दर्शाता है।
जांच के दो प्रमुख एंगल: लापरवाही या आतंकी साजिश
पुलिस दो संभावनाओं पर जांच कर रही है—
अमोनियम नाइट्रेट में आग लगने से हादसा
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सीलिंग के दौरान विस्फोटक सामग्री में आग भड़कने की आशंका।
आतंकी हमला या प्लान B
आतंकी संगठन PAAF ने जिम्मेदारी ली है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि बाकी है।
फरीदाबाद से लाए गए 350 किलो विस्फोटक थे थाने में मौजूद
फरीदाबाद के किराए के मकान से बरामद लगभग **350 किलो रसायन** भी नौगाम थाने में रखा गया था। कुछ सैंपल फोरेंसिक लैब भेजे गए थे, बाकी थाने में ही थे।
विस्फोट ठीक उसी समय हुआ जब पुलिस और फोरेंसिक टीमें इन्हें संभाल रही थीं।
क्या जब्त कार में IED होने से बड़ा धमाका हुआ?
एक और सवाल यह है कि थाने परिसर में रखी ज़ब्त कार में कहीं IED तो नहीं था।
इस एंगल की भी जांच चल रही है।
वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे, सुरक्षा बढ़ाई गई
सुरक्षा बलों ने खोजी कुत्तों के साथ तलाशी ली। कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ वरिष्ठ अधिकारी मुलाकात कर रहे हैं।
कैसे खुला आतंक का पूरा जाल: गिरफ्तारियाँ और मॉड्यूल का पर्दाफाश
पूरी जांच एक धमकीभरे पोस्टर से शुरू हुई, जिसके बाद हुए खुलासे ने बड़ा मॉड्यूल सामने ला दिया।
गिरफ्तार हुए मुख्य संदिग्ध
* आरिफ निसार डार
* यासिर-उल-अशरफ
* मकसूद अहमद डार
इनकी पूछताछ में मौलवी इरफान अहमद का नाम सामने आया, जो युवाओं को कट्टरपंथी बनाने में शामिल था।
इसके बाद फरीदाबाद स्थित **अल-फलाह यूनिवर्सिटी** पहुँची टीम ने डॉक्टर मुज़म्मिल गनई और शाहीन सईद को गिरफ्तार किया।
जांच में
* अमोनियम नाइट्रेट
* पोटैशियम नाइट्रेट
* सल्फर
* अन्य विस्फोटक रसायन
* **कुल 2,900 किलो सामग्री**
बरामद हुई।
लाल किला ब्लास्ट से भी जुड़ते मिले तार
कुछ ही घंटों बाद दिल्ली के लाल किले के पास कार ब्लास्ट हुआ।
जांच में एक नया नाम सामने आया—**डॉ. उमर नबी**, जो विस्फोट वाली कार चला रहा था।
रसायनों की बरामदगी के बाद वह ठिकाना बदलने की फिराक में था।
मॉड्यूल के तीन मास्टरमाइंड अभी जांच के घेरे में
जांच एजेंसियों का मानना है कि मॉड्यूल को तीन डॉक्टर चला रहे थे—
* डॉ. मुज़म्मिल गनई
* डॉ. उमर नबी
* डॉ. मुज़फ़्फ़र राथर (फरार)
एक अन्य आरोपी अदील राथर AK-56 राइफल के साथ पकड़ा गया है।
क्या नौगाम और लाल किले के धमाके आपस में जुड़े हैं?
डीजीपी नलिन प्रभात ने सुरक्षा समीक्षा की है।
एजेंसियाँ इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या ये दोनों धमाके **एक ही बड़ी, सुनियोजित साजिश** का हिस्सा हैं।