रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार रात लगभग 27 घंटे के भारत दौरे पर पहुंचे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-रूस के लगभग आठ दशक पुराने संबंधों को और मजबूत करना है, जो वैश्विक तनावों के बीच भी स्थिर बने हुए हैं।
पालम एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों नेता एक ही कार से 7, लोक कल्याण मार्ग पहुँचे। चार साल बाद पुतिन का यह पहला भारत दौरा है।
यह यात्रा खास इसलिए भी है क्योंकि यह भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव बढ़ने के दौर में हो रही है। शिखर वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री का संदेश
PM मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा—
“मित्र राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। हमारी बातचीत के परिणाम दोनों देशों को लाभ देंगे।”
दूसरे दिन का पूरा शेड्यूल (Delhi Visit Day 2)
| समय | कार्यक्रम |
|---|---|
| सुबह 11:00 बजे | राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत |
| सुबह 11:30 बजे | राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि |
| सुबह 11:50 बजे | हैदराबाद हाउस में PM मोदी से मुलाकात |
| दोपहर 1:50 बजे | संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस |
| दोपहर 3:40 बजे | इंडिया-रूस बिजनेस फोरम को संबोधन |
| शाम 7:00 बजे | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भेंट |
| रात 9:00 बजे | रूस के लिए प्रस्थान |
भारत-रूस साझेदारी गहरी करने पर ज़ोर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा रक्षा, व्यापार, विज्ञान और संस्कृति सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देगी।
हैदराबाद हाउस में मुख्य फ़ोकस आर्थिक संतुलन और व्यापार विस्तार पर रहेगा।
मुख्य बिंदु —
रूसी तेल आयात के चलते बढ़ रहे ट्रेड डेफिसिट को संतुलित करने की कोशिश
भारतीय निर्यात बढ़ाने का रोडमैप
2030 तक 100 बिलियन डॉलर व्यापार लक्ष्य
फार्मा, ऑटोमोबाइल, कृषि व समुद्री निर्यात पर ज़ोर
कई अंतर-सरकारी व व्यापारिक समझौते संभावित
रूस बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ आया है, जो यह संकेत है कि मॉस्को भारत के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाना चाहता है।
पुतिन की टिप्पणी — सहयोग किसी के खिलाफ नहीं
पुतिन ने कहा—
भारत-रूस साझेदारी किसी देश के खिलाफ नहीं, बल्कि दोनों देशों के हितों की रक्षा के लिए है।
ऊर्जा सहयोग पर उन्होंने बताया कि पश्चिमी प्रतिबंधों का असर सीमित है।
उनका कहना था कि कुछ देश भारत के बढ़ते प्रभाव को रोकने की कोशिश करते हैं और कृत्रिम बाधाएँ खड़ी करते हैं।
यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब
भारत-US संबंध कमजोर दौर में हैं
अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी और रूसी तेल पर कर तनाव का कारण है
पुतिन का यह दौरा भारत और रूस के बीच ऊर्जा, रक्षा सहयोग और व्यापार विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
दोनों देश मिलकर बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में नई साझेदारी की रेखा खींचते दिख रहे हैं।