प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम के ऐतिहासिक दौरे पर पहुंचे। दौरे की शुरुआत डिब्रूगढ़ में इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर उनके विमान के उतरने के साथ हुई। यह पहल न केवल बुनियादी ढांचे के विकास का प्रतीक है, बल्कि चीन सीमा के निकट भारत की सामरिक शक्ति को भी मजबूत करती है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, सुबह करीब 10:30 बजे वे मोरन बाईपास स्थित ELF पर उतरे और वहां फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टरों का हवाई प्रदर्शन देखा।
ELF का सामरिक महत्व
डिब्रूगढ़ की यह इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली सुविधा है, जिसे भारतीय वायुसेना के समन्वय से विकसित किया गया है।
यह डुअल-यूज़ इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो आपात स्थिति में सैन्य और नागरिक—दोनों प्रकार के विमानों को सपोर्ट कर सकता है।
रनवे 40 टन तक के फाइटर विमान और 74 टन अधिकतम टेकऑफ वजन वाले ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट संभाल सकता है।
प्राकृतिक आपदाओं या आपात स्थितियों में तेज राहत और बचाव कार्य के लिए यह अहम साबित होगा।
ब्रह्मपुत्र पर कुमार भास्कर वर्मा सेतु
दोपहर करीब 1 बजे प्रधानमंत्री ने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का निरीक्षण किया।
लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से बना यह 6-लेन एक्सट्राडोज्ड प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट ब्रिज है।
यह गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी को जोड़ता है।
इससे यात्रा समय लगभग 7 मिनट कम होने की उम्मीद है।
भूकंपीय गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए इसमें बेस आइसोलेशन तकनीक और फ्रिक्शन पेंडुलम बेयरिंग का उपयोग किया गया है। साथ ही, ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम से इसकी सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित किया गया है।
5,450 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं
प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी के लचित घाट पर 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, उच्च शिक्षा और शहरी गतिशीलता को बढ़ावा देना है।
पूर्वोत्तर के लिए नेशनल डेटा सेंटर
असम के कामरूप जिले के अमिंगांव में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए नेशनल डेटा सेंटर का उद्घाटन भी किया गया।
कुल स्वीकृत लोड: 8.5 मेगावॉट
औसत रैक क्षमता: 10 किलोवॉट
यह केंद्र सरकारी विभागों के मिशन-क्रिटिकल एप्लिकेशन होस्ट करेगा और अन्य राष्ट्रीय डेटा केंद्रों के लिए डिजास्टर रिकवरी सेंटर के रूप में कार्य करेगा। यह डिजिटल इंडिया के विजन को मजबूती देगा।
आईआईएम गुवाहाटी का नया परिसर
प्रधानमंत्री ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट गुवाहाटी के नए परिसर का भी उद्घाटन किया। इससे पूर्वोत्तर में प्रबंधन और उच्च शिक्षा के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जो क्षेत्र की दीर्घकालिक आर्थिक और शैक्षणिक प्रगति में सहायक बनेगा।
डिब्रूगढ़ की ELF से लेकर ब्रह्मपुत्र पर नए सेतु और डिजिटल परियोजनाओं तक, प्रधानमंत्री का यह दौरा पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा, कनेक्टिविटी और विकास को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।