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विकसित भारत का संकल्प: नए PMO ‘सेवा तीर्थ’ से पीएम मोदी का पहला एक्शन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ से महिलाओं, युवाओं और कमजोर वर्गों से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए।
लुटियंस दिल्ली के साउथ ब्लॉक स्थित ब्रिटिशकालीन कार्यालय से स्थानांतरित होने के बाद यह उनके निर्णयों का पहला चरण था।

महिलाओं और किसानों को प्राथमिकता

प्रधानमंत्री ने अपने पहले फैसलों में एक राहत योजना के शुभारंभ को मंजूरी दी, ‘लखपति दीदी’ मिशन के लक्ष्य को दोगुना किया और कृषि अवसंरचना कोष के आवंटन में बड़ी वृद्धि की।

मार्च 2029 तक 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का नया लक्ष्य तय किया गया है।

इससे पहले मार्च 2027 की मूल समयसीमा से एक वर्ष पहले ही 3 करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य हासिल कर लिया गया था।

कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कृषि अवसंरचना कोष का आवंटन 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।

यह कदम कृषि मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन का उद्घाटन

प्रधानमंत्री ने ‘सेवा तीर्थ’ के साथ-साथ कर्तव्य भवन 1 और 2 का भी उद्घाटन किया।
यह पहल भारत की प्रशासनिक संरचना में बड़े बदलाव का प्रतीक है और आधुनिक, कुशल व नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था के निर्माण की प्रतिबद्धता दर्शाती है।

खंडित ढांचे से एकीकृत व्यवस्था तक

दशकों से कई मंत्रालय और सरकारी कार्यालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर फैले हुए थे, जिससे समन्वय की कमी, बढ़ती लागत और कार्यकुशलता में बाधाएं उत्पन्न होती थीं।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, नए भवन परिसर इन समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करते हैं—

‘सेवा तीर्थ’ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय एक ही परिसर में स्थित हैं।

‘कर्तव्य भवन’ 1 और 2 में कानून, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि सहित कई प्रमुख मंत्रालयों को एकीकृत किया गया है।

सेवा तीर्थ से लिए गए पहले फैसलों में महिलाओं, किसानों और कमजोर वर्गों को प्राथमिकता देकर प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि विकसित भारत की दिशा में सामाजिक सशक्तिकरण और प्रशासनिक दक्षता दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

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