नई दिल्ली,(नेशनल थॉट्स ) : नए साल की शुरुआत में भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए एक अद्वितीय अवसर है, क्योंकि साल 2024 के पहले दिन, यानी एक जनवरी, विभिन्न शुभ योग एक साथ बन रहे हैं। इस महत्वपूर्ण मौके पर, भगवान शिव की पूजा को विधि-विधान से करके आप इन योगों का अद्भुत लाभ उठा सकते हैं।
पौष महीने का महत्व
सनातन धर्म में, पौष महीना बहुत महत्वपूर्ण है और इसी महीने से अंग्रेजी नववर्ष की शुरुआत होती है। इस समय में भगवान शिव की पूजा करने से अधिक आशीर्वाद मिलता है।
सनातन धर्म में, पौष महीना बहुत महत्वपूर्ण है और इसी महीने से अंग्रेजी नववर्ष की शुरुआत होती है। इस समय में भगवान शिव की पूजा करने से अधिक आशीर्वाद मिलता है।
नए साल की तिथि
नववर्ष के पहले दिन पौष महीने के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि दोपहर 02:28 मिनट तक है। इसके बाद , षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। नव वर्ष के पहले दिन सुबह 08: 36 मिनट तक मघा नक्षत्र है। इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र है।
नए साल का योग ज्योतिषियों की मानें तो नव वर्ष के पहले दिन शुभ आयुष्मान योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का निर्माण 02 जनवरी को सुबह 04:36 मिनट तक है। इस योग में भगवान शिव की पूजा करने से अमोघ फल की प्राप्ति होगी। इसके अलावा, नव वर्ष के पहले दिन तैतिल और गर करण का निर्माण हो रहा है। ये दोनों ही शुभ माने जाते हैं। इस योग में शुभ कार्य कर सकते हैं।
नए साल पर शिव वास
ज्योतिषियों की मानें तो नव वर्ष के पहले दिन यानी सोमवार को देवों के देव महादेव दोपहर 02:28 मिनट तक नंदी पर सवार रहेंगे। इस समय में भगवान शिव की पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। अतः साधक नव वर्ष के प्रथम दिवस पर दोपहर 02 : 28 मिनट तक रुद्राभिषेक कर सकते हैं। इस दौरान रुद्राभिषेक या जलाभिषेक करने से शुभ कार्य में सफलता प्राप्त होती है।