केंद्र सरकार ने ऐलान किया है कि आगामी जनगणना में जाति आधारित गणना को शामिल किया जाएगा। यह फैसला मंगलवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी देते हुए कहा कि राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति ने यह निर्णय लिया है ताकि जाति आंकड़ों को वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से इकट्ठा किया जा सके।
अवैज्ञानिक सर्वेक्षणों से बचने के लिए उठाया गया कदम
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कई राज्यों, बिहार सहित, ने पहले ही जाति सर्वेक्षण कराए हैं, लेकिन इनकी प्रक्रिया को अवैज्ञानिक और अपारदर्शी बताया गया। उन्होंने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि सामाजिक ताने-बाने पर राजनीतिक असर न पड़े और सही डेटा उपलब्ध हो सके।
कांग्रेस पर निशाना: जाति गणना को राजनीतिक हथियार बनाया
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने जाति गणना को केवल एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारें वर्षों से इस प्रक्रिया का विरोध करती रही हैं, जबकि देश की अधिकांश राजनीतिक पार्टियां इसकी मांग करती रही हैं।
अन्य कैबिनेट फैसले: गन्ना मूल्य और हाई-स्पीड कॉरिडोर
कैबिनेट बैठक में लिए गए अन्य फैसलों में शामिल हैं:
गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) 2025-26 सीजन के लिए ₹355 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो न्यूनतम बेंचमार्क है।
22,864 करोड़ रुपये की लागत से शिलांग से सिलचर तक हाई-स्पीड कॉरिडोर राजमार्ग को भी मंजूरी दी गई है।