पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय नौसेना ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए युद्धपोतों की तस्वीर साझा की। पोस्ट में लिखा गया: “कोई मिशन बहुत दूर नहीं, कोई समुद्र बहुत विशाल नहीं।”
यह संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सशस्त्र बलों को पूर्ण परिचालन स्वतंत्रता देने के एक दिन बाद आया है।
प्रधानमंत्री की उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीडीएस जनरल अनिल चौहान के साथ बैठक कर सशस्त्र बलों को पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के लिए खुली छूट दी। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद को करारा जवाब देना राष्ट्रीय संकल्प है।
नौसेना की तैयारियाँ और शक्ति प्रदर्शन
भारतीय नौसेना ने हाल ही में अरब सागर में अभ्यास कर अपनी युद्ध क्षमता का प्रदर्शन किया, जिसमें INS सूरत द्वारा मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण शामिल था।
इसके अलावा, नौसेना ने ब्रह्मोस मिसाइल से एंटी-शिप फायरिंग ड्रिल भी की। INS विक्रांत अब पूरी तरह से ऑपरेशनल है और किसी भी खतरे का त्वरित जवाब देने में सक्षम है।
पहलगाम आतंकी हमला: एक बड़ी चुनौती
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत और दर्जनों घायल हुए। यह हमला अनुच्छेद 370 हटने के बाद का सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है।
सरकारी एजेंसियों ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है और इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।