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“मराठा आरक्षण: मुंबई में जरांगे पाटिल का मार्च”

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महाराष्ट्र की राजनीति का अहम मुद्दा मराठा आरक्षण एक बार फिर उफान पर है। मनोज जरांगे पाटिल के नेतृत्व में हज़ारों प्रदर्शनकारी मुंबई पहुँचे। सीएसटी से निकलकर आज़ाद मैदान तक पहुँचे इस मार्च में आरक्षण अधिकारों की दशकों पुरानी माँग गूँज उठी।

मुंबई में अफरा-तफरी

29 अगस्त को दक्षिण मुंबई में हालात बिगड़ गए।

पुलिस ने केवल पाँच वाहनों और 5,000 प्रदर्शनकारियों की अनुमति दी थी।

इसके बावजूद हज़ारों लोग जुटे और पूर्वी एक्सप्रेसवे प्रदर्शनकारियों के काफिले से जाम हो गया।

प्रदर्शनकारियों द्वारा बेस्ट बसों को रोकने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया।

स्थिति संभालने के लिए पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी नेताओं से तत्काल बातचीत की।

इतिहास दोहराता आंदोलन

यह पहली बार नहीं है जब मुंबई ऐसे दृश्यों का गवाह बनी हो।

2016: समुदाय की एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और हत्या के बाद आंदोलनकारियों ने मुंबई ठप कर दी थी।

2017: मराठा आरक्षण की माँग को लेकर फिर से विशाल प्रदर्शन हुआ।

जनवरी 2024: जरांगे पाटिल ने शिवाजी पार्क से आंदोलन की शुरुआत की, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हस्तक्षेप के बाद मार्च वाशी में रोक दिया गया।

आज़ाद मैदान में बड़ा जमावड़ा

शुक्रवार को मनोज जरांगे पाटिल आज़ाद मैदान से नया आंदोलन शुरू करने वाले हैं। इससे पहले ही मराठा समुदाय के हजारों लोग मैदान की ओर जाने वाली सड़कों पर उमड़ पड़े।

बेस्ट बसें और अन्य वाहन आधे घंटे से अधिक समय तक रुके रहे।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे और आंदोलनकारियों से रास्ता खाली करने की अपील की।

पुलिस का अलर्ट और यातायात व्यवस्था

मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए कई मार्गों पर ट्रैफिक बंद कर दिया है। इनमें शामिल हैं:

पनवेल-सायन रोड

वी.एन. पूरव रोड

ईस्टर्न फ्रीवे

पी.डी. मेलो रोड

वालचंद हीराचंद मार्ग

डॉ. दादाभाई नौरोजी रोड

हजारीमल सोमानी रोड

इन मार्गों पर केवल आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को ही अनुमति दी गई है।

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