रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में बादल फटने की घटना से कई परिवार मलबे में दब गए और कई लोग घायल हो गए।
देवल के मोपाटा इलाके में तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता हो गए।
विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हो गए।
उनकी गौशाला ढह गई, जिसमें 15–20 मवेशी दब गए।
रुद्रप्रयाग जिले में 6 लोग लापता हो गए।
नदियों का बढ़ता जलस्तर और पुल बहाव में
अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
केदारनाथ घाटी के लावारा गाँव में पुल बह गया।
चेनगाड़ में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
रिहायशी इलाकों में पानी घुसने पर प्रशासन ने घर खाली करवाए।
रुद्रप्रयाग का हनुमान मंदिर जलमग्न हो गया।
चमोली और टिहरी में भारी बारिश
चमोली जिले के थराली तहसील के मोपाटा गांव में भूस्खलन से कई मकान दब गए।
एक दंपति मलबे में दबकर लापता हो गया।
दूसरा दंपति घायल अवस्था में निकाला गया।
जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने घटना की पुष्टि की।
टिहरी जिले के बूढ़ाकेदार क्षेत्र के गेंवाली गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई।
कई मंदिर मलबे में दब गए।
खेत और सिंचाई की नहरें नष्ट हो गईं।
सिंचाई विभाग की सुरक्षा दीवार भी बह गई।
लगातार बरसात से बिगड़े हालात
23 अगस्त को भी थराली विकासखंड में बादल फटने से तबाही हुई थी।
एक युवती की मौत हो गई और एक व्यक्ति लापता हो गया।
तहसील कार्यालय और एसडीएम आवास क्षतिग्रस्त हो गया।
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कई जगहों पर मलबे से अवरुद्ध है।
नंदप्रयाग, कमेड़ा, जिलासू, गुलाबकोटी समेत कई स्थानों पर मार्ग बंद।
केदारनाथ राजमार्ग भी कई जगह बाधित।
प्रशासन मार्ग खोलने के प्रयास में जुटा है।
प्रशासन की अपील और राहत कार्य
पुलिस ने नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
यात्रियों को यात्रा से पहले सड़क की जानकारी लेने की अपील की गई।
टिहरी जिले में घनसाली और ठेला गांव में भी नुकसान की खबरें हैं।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स (Twitter) पर दुख जताते हुए लिखा:
“रुद्रप्रयाग और चमोली में बादल फटने और मलबे में कई परिवारों के फंसने का दुखद समाचार मिला है।”
उन्होंने आश्वासन दिया कि युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम लगातार मौके पर नजर बनाए हुए हैं।