मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा की कार्यवाही विपक्षी दलों के हंगामे के कारण दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। विपक्ष लगातार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और हालिया पहलगाम आतंकी हमले पर तत्काल चर्चा की मांग कर रहा था। विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए सदन के वेल में प्रदर्शन किया।
सरकार चर्चा को तैयार, पर विरोध पर ऐतराज
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “सरकार की मंशा पारदर्शिता की है, विपक्ष संवाद करे, विरोध नहीं।”
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि दोपहर 2:30 बजे बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक बुलाई गई है, जिसमें चर्चा के एजेंडे पर निर्णय होगा। उन्होंने विपक्ष के व्यवहार पर नाराजगी जताई और कहा कि मानसून सत्र के पहले दिन इस तरह का विरोध उचित नहीं।
स्पीकर ओम बिरला की सख्त टिप्पणी
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष को संयम बरतने की सलाह देते हुए कहा:“सदन नियमों के तहत चलता है, नारेबाजी करने का मंच नहीं है। आप नोटिस दीजिए, प्रश्नकाल के बाद चर्चा का पूरा अवसर दिया जाएगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि अगर विपक्ष सदन नहीं चलने देगा, तो यह परंपरा बन जाएगी कि सत्र के पहले दिन कार्यवाही नहीं हो पाती, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे जनता की भावनाओं के अनुरूप चर्चा में भाग लें।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा का आश्वासन
ओम बिरला ने विशेष रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा की बात स्वीकार करते हुए विपक्ष से कहा:“आप इस पर चर्चा चाहते हैं, आइए प्रश्नकाल के बाद चर्चा कीजिए। सरकार हर विषय पर जवाब देने के लिए तैयार है।”