आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। रामनगरी में उनके आगमन पर कुछ संतों और स्थानीय संगठनों ने “केजरीवाल वापस जाओ” के नारे लगाए और पुतला दहन कर विरोध जताया।
पुराने बयान को लेकर नाराजगी
विरोध कर रहे संतों का कहना था कि अरविंद केजरीवाल ने वर्षों पहले कथित तौर पर राम मंदिर की जगह स्कूल, अस्पताल और शौचालय बनाने संबंधी बयान दिया था। इसी बयान को लेकर संत समाज और कुछ संगठनों ने नाराजगी व्यक्त की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि जो लोग पहले राम मंदिर आंदोलन और उससे जुड़ी भावनाओं का समर्थन नहीं करते थे, वे अब राजनीतिक कारणों से अयोध्या का रुख कर रहे हैं।
संत समाज ने जताई आपत्ति
विरोध कर रहे साधु-संतों ने कहा कि यह दौरा श्रद्धा से अधिक राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित प्रतीत होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
इसी विरोध के तहत कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए और केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी की गई।
रामलला और हनुमानगढ़ी में किए दर्शन
विरोध के बावजूद अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की।
इस दौरान उनके साथ आम आदमी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए रखी।
योगी आदित्यनाथ का बिना नाम लिए हमला
इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जनसभा के दौरान बिना नाम लिए अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, “दिल्ली के एक सज्जन आज अयोध्या आए हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि दिल्ली की जनता ने उन्हें कई वर्षों तक अवसर दिया, लेकिन उन्होंने दिल्ली को भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया।”
मुख्यमंत्री के इस बयान को राजनीतिक हलकों में केजरीवाल पर सीधा हमला माना जा रहा है।
सियासी माहौल हुआ गरम
अयोध्या दौरे के दौरान हुए विरोध और उसके बाद आए राजनीतिक बयानों से उत्तर प्रदेश और दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और बढ़ सकती है।