भाभी- पता है देवर जी, 50 की होते हुए भी तुम्हारे
एक दोस्त ने मेरी खूबसूरती की तारीफ की
देवर- पक्का मुश्ताक भाई होगा
भाभी- आपने कैसा पहचाना?
देवर- क्योंकि वो कबाड़ का व्यापारी है,
उसे कबाड़ की पहचान है……
भाभी- प्यार में पैसों की अहमियत नहीं होती
देवर- अच्छा फिर हर कहानी में लड़की के ख्वाबों में
कोई राजकुमार ही क्यों होता है?
कभी सुना है कि ‘मेरे सपनों का मजदूर बरात लेकर आएगा’
देवर की बात सुनकर भाभी की बोलती बंद हो गई……