लीड्स टेस्ट की पहली पारी में भारत की फील्डिंग बेहद निराशाजनक रही। भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 6 कैच टपकाए, जिनमें से 3 कैच जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी के दौरान छूटे। इन कैचों की कीमत टीम इंडिया को चुकानी पड़ी और इंग्लैंड ने पहली पारी में 465 रन बना डाले। इसके चलते भारत को महज 6 रन की ही बढ़त मिल सकी।
“तमाशा नहीं बनाना चाहता”, बुमराह का बयान
दिन का खेल समाप्त होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जसप्रीत बुमराह ने कहा:“जब कैच छूटते हैं तो मैं एक पल के लिए जरूर निराश होता हूं, लेकिन ये खेल का हिस्सा है। खिलाड़ी नए हैं, मेहनत कर रहे हैं। मैं कोई तमाशा नहीं खड़ा करना चाहता, न ही किसी पर दबाव बनाना चाहता हूं।”उन्होंने आगे कहा कि अगर कैच लिए जाते तो बेहतर होता, लेकिन ऐसे ही अनुभवों से खिलाड़ी सीखते हैं।
आलोचकों को बुमराह का करारा जवाब
बुमराह ने उन आलोचकों को भी जवाब दिया जो उनके गेंदबाजी एक्शन को लेकर अक्सर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा:“लोग कहते थे मैं आठ महीने या दस महीने ही खेल पाऊंगा, लेकिन मैंने 10 साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और 12-13 साल आईपीएल खेल लिया है।”उन्होंने आगे कहा:“हर चार महीने में ये बातें उठती हैं कि अब नहीं खेलेगा। लेकिन मैं अपना काम करता रहूंगा। जब तक भगवान की कृपा है, मैं खेलता रहूंगा।”
“मैं लोगों की धारणा बदलने नहीं, क्रिकेट खेलने आया हूं”
बुमराह ने साफ किया कि वह सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ देने में विश्वास रखते हैं और बाकी सब भगवान पर छोड़ते हैं। उन्होंने कहा:“मैं यहां किसी की सोच बदलने नहीं आया, मेरा फोकस सिर्फ क्रिकेट खेलने पर है।”