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D-4 की चाल और ब्रह्मोस का वार, ISRO की नजर से कोई नहीं बच सकता

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पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के खिलाफ भारत का ऑपरेशन सिंदूर न तो खत्म हुआ है और न ही भारत का बदला। भारतीय सेना की कार्रवाई स्पष्ट संदेश दे रही है कि जब तक आतंक के जड़ तक न पहुंच जाए, भारत शांत नहीं बैठेगा। एयर डिफेंस सिस्टम की सफलता ने यह भी साबित किया कि अब भारत किसी भी स्तर पर मुकाबला करने में सक्षम है।

पाकिस्तान की मिसाइलें हुईं फेल, भारत का एयर डिफेंस बना उदाहरण

पाकिस्तान की एक भी मिसाइल भारतीय सीमा को पार नहीं कर सकी। भारत का एयर डिफेंस सिस्टम दुनिया के लिए रिसर्च का विषय बन चुका है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। इससे भारत की रक्षा तकनीक को नया आयाम मिला।

स्वदेशी हथियारों ने दिखाई ताकत, ब्रह्मोस का पहला कॉम्बैट डेब्यू

ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों की अहम भूमिका रही।

ब्रह्मोस मिसाइल ने ऑपरेशन में पहली बार वास्तविक युद्ध में हिस्सा लिया।

डी-4 एंटी ड्रोन सिस्टम

स्वदेशी ‘आकाश’ मिसाइल

‘कामिकाज़ी ड्रोन’ स्काई स्ट्राइकर

‘लॉइटरिंग एम्युनिशन’ और

अत्याधुनिक रडारों ने मिलकर पाकिस्तान के हमलों को निष्फल किया।

23 मिनट में मिशन पूरा, दुश्मन के HQ-9 रडार भी हुए फेल

भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के चाइनीज HQ-9 रडार सिस्टम को बाईपास करते हुए मात्र 23 मिनट में ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दे दिया। सटीक निगरानी, सटीक स्ट्राइक और बिना किसी भारतीय एसेट को नुकसान हुए ये मिशन सफल रहा।

भारत का ‘आयरन डोम’: आकाश मिसाइल सिस्टम ने रोक दिए तुर्की-चीन के हथियार

पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में चीन और तुर्की के ड्रोन व मिसाइल छोड़े, लेकिन भारत की ‘आकाश’ मिसाइल प्रणाली ने उन्हें हवा में ही खत्म कर दिया। DRDO द्वारा विकसित और भारत डायनेमिक्स द्वारा निर्मित यह मिसाइल सिस्टम भारत की बहुस्तरीय एयर डिफेंस का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

IAF का सुपरस्टार: समर मिसाइल सिस्टम

भारतीय वायुसेना की ‘समर’ (Surface to Air Missile for Assured Retaliation) मिसाइल सिस्टम अब सुपरस्टार बन चुकी है। यह हल्की, लेकिन बेहद शक्तिशाली मिसाइल है जो हेलीकॉप्टर, ड्रोन और फाइटर जेट को हवा में ही खत्म कर सकती है।

डी-4 एंटी ड्रोन सिस्टम: दुश्मन के UAV का काल

D-4 सिस्टम यानी Detect, Deter, Destroy, Defeat – DRDO द्वारा विकसित यह सिस्टम ड्रोन और यूसीएवी को इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग व लेज़र ऊर्जा से निष्क्रिय कर देता है। इसने ऑपरेशन सिंदूर में बड़ी भूमिका निभाई।

ऑपरेशन में एक्टिव रहे 6 आकाशतीर नोड

पूरे पश्चिमी सीमा पर 6 आकाशतीर नोड्स सक्रिय रहे – लद्दाख, कश्मीर, जम्मू, पठानकोट, आदमपुर और जैसलमेर-बाड़मेर। BEL द्वारा बनाए गए ये नोड आर्मी के एयर डिफेंस रडार को IAF के कंट्रोल सिस्टम से जोड़ते हैं और 24 घंटे निगरानी करते हैं।

ISRO की नजर, आसमान से लेकर जमीन तक की निगरानी

ISRO के कम से कम 10 सैटेलाइट्स ऑपरेशन सिंदूर में सक्रिय रहे। ISRO प्रमुख वी. नारायणन ने बताया कि सीमाओं की निगरानी, समुद्री इलाकों और उत्तरी क्षेत्रों पर नज़र रखने में इन सैटेलाइट्स की प्रमुख भूमिका रही।

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