छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राज्य में करोड़ों रुपये के कथित शराब घोटाले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी ईडी की उस जांच का हिस्सा है, जो पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान शराब व्यापार से जुड़ी कथित भ्रष्टाचार योजना में शामिल अधिकारियों और अन्य लोगों के नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश कर रही है।
ईडी की छापेमारी पर भूपेश बघेल का हमला
भूपेश बघेल ने शुक्रवार को अपने आवास पर हुई ईडी की छापेमारी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। बघेल ने कहा, “ईडी पहले भी आई थी, तब उन्हें मेरे घर से 33 लाख रुपये मिले थे। अब वे फिर से आए हैं। हम लोकतंत्र और न्यायपालिका में विश्वास करते हैं, इसलिए पूरा सहयोग करेंगे।”
“न झुकेंगे, न टूटेंगे”: भूपेश बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर आरोप लगाते हुए कहा कि अडानी से जुड़े मामले को दबाने और ध्यान भटकाने के लिए उनके घर पर ईडी की कार्रवाई करवाई गई है। बघेल ने साफ तौर पर कहा, “भूपेश बघेल न टूटेगा, न झुकेगा। हम उनके सामने नहीं झुकेंगे। भाजपा देश के सभी विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है।”
पेड़ों की कटाई का मुद्दा और सियासी आरोप
बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी छापों की पुष्टि की और लिखा, “ईडी आ गई।” उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र के आखिरी दिन उनके घर पर ईडी इसलिए भेजी गई क्योंकि कांग्रेस तमनार तहसील (रायगढ़) में अदाणी समूह की कोयला खदान परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई का मुद्दा उठाने वाली थी।