उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के स्कूलों में डिजिटल उपस्थिति के कार्यान्वयन को अगले दो महीनों के लिए स्थगित कर दिया है। इस निर्णय का ऐलान मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने शिक्षक संघ के साथ हुई बैठक के बाद किया। इसके पहले, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने इस मुद्दे के समाधान के लिए एक समिति बनाने का आदेश दिया था, जिसकी समीक्षा के बाद आगे कोई निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री द्वारा दी गई डिजिटल उपस्थिति को लेकर नई योजना के तहत, शिक्षकों को 11 जुलाई से अपनी उपस्थिति डिजिटल रूप से दर्ज करने के लिए निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद, प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों ने सरकारी परिवहन और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण इस आदेश का विरोध किया है। उन्होंने बताया कि अक्सर स्कूल पहुंचने में दिक्कत होती है, जिससे उन्हें अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने में मुश्किलें आती हैं।
इस बारे में यह भी खुलासा किया गया कि कई स्कूलों में सफाईकर्मियों की कमी है और बिजली की समस्या भी रहती है, जिसके कारण डिजिटल उपस्थिति को लेकर अनिवार्य निर्देश को पालन करना मुश्किल हो रहा है। नए आदेश लागू होने के पहले दिन, केवल दो फीसदी शिक्षकों ने ही अपनी डिजिटल उपस्थिति दर्ज कराई थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बारे में एक अन्य आदेश भी दिया, जिसमें उन्होंने बिजली ‘बिलिंग’ और संग्रह क्षमता को बढ़ाने के लिए सक्रिय प्रयास करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, उन्होंने ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और विभागीय अधिकारियों के साथ बिजली उत्पादन, पारेशण और वितरण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की।