NATIONAL THOUGHTS

A Web Portal Of Positive Journalism 

Haryana में बोले अमित शाह – जातिवाद और भ्रष्टाचार के सिवाय उसने कुछ नहीं दिया

Share This Post

हरियाणा फिलहाल राजनीति के केंद्र में है। इसका बड़ा कारण ये है कि आने वाले महीनों में यहां विधानसभा के चुनाव होने हैं। यही कारण है कि लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद सत्तारूढ़ भाजपा राज्य में अपनी चुनावी तैयारियों में जुट गई है। इसी कड़ी में आग दिग्गज भाजपा नेता तथा केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हरियाणा के महेंद्रगढ़ में ‘पिछड़ा वर्ग सम्मान’ सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान शाह ने भाजपा सरकार के कामकाज को गिनवाया और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

अपने संबोधन के शुरूआत में साह ने कहा कि हरियाणा के पिछड़ा वर्ग ने हमेशा भाजपा को आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि अब भाजपा का कर्तव्य बनता है कि जितना आपने किया है, उससे ज्यादा कार्य करके हम आपके पास आएं। शाह ने कहा कि नायब सिंह जी की कैबिनेट ने तीन निर्णय लिए हैं -क्रीमी लेयर की लेयर की सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख कर दी गई है। इन 8 लाख में तनख्वाह और कृषि की आय भी नहीं गिनी जाएगी। अब हर बच्चे को OBC का फायदा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि अब तक पंचायतों में जो रिजर्वेशन था, उसको भी बदलने का फैसला लिया गया है। पंचायतों में अब तक 8% रिजर्वेशन ग्रुप A के लिए था, उसके साथ 5% रिजर्वेशन ग्रुप B के लिए भी आज से शुरू हो जाएगा। इससे हरियाणा की जनता के एक बहुत बड़े हिस्से को आरक्षण का फायदा मिलेगा। इसके साथ ही शाह ने कहा कि म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में 8 प्रतिशत आरक्षण जस का तस रहेगा और ग्रुप B को 5% आरक्षण ज्यादा मिलेगा। ये तीनों निर्णय प्रधानमंत्री मोदी जी की नीतियों को लागू करने वाले हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद पूरे देश को कहा था कि मेरी ये सरकार दलितों, गरीबों और पिछड़ों की सरकार है। देश को पहला सशक्त पिछड़े वर्ग का प्रधानमंत्री देने का काम भाजपा ने किया है। 71 में से 27 मंत्री पिछड़े वर्ग से देकर नरेन्द्र मोदी जी ने हरियाणा और देश के OBC का सम्मान करने का काम किया है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से पिछड़ा वर्ग की विरोधी रही है।

उन्होंने कहा कि 1957 में OBC रिजर्वेशन के लिए काका कालेलकर कमीशन बना, लेकिन कांग्रेस ने सालों तक इसे लागू नहीं किया। 1980 में इंदिरा गांधी जी ने मंडल कमीशन को ठंडे बस्ते में डाल दिया। 1990 में जब लाया गया, तब राजीव गांधी ने 2 घंटे

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *