आंध्र प्रदेश के बापटला जिले के बल्लीकुरवा गांव के पास स्थित सत्यकृष्ण ग्रेनाइट खदान में रविवार सुबह भीषण हादसा हुआ। चट्टानों का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिसमें छह प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई और कम से कम 10 अन्य घायल हो गए। हादसा सुबह करीब 10:30 बजे उस समय हुआ जब 16 मजदूर खदान में काम कर रहे थे।
ओडिशा के मजदूर हादसे का शिकार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी मृतक और घायल मजदूर ओडिशा राज्य के निवासी थे। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि खदान में पानी रिसने के कारण चट्टान ढह गई। फॉरेंसिक टीम मौके पर जांच में जुटी है। घटनास्थल पर कोई विस्फोट या भूकंपीय गतिविधि नहीं पाई गई।
बचाव और राहत कार्य
हादसे के तुरंत बाद बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने राहत कार्य में हिस्सा लिया। ओडिशा के गंजाम जिले से वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम मृतकों के शवों को उनके मूल निवास स्थान तक पहुंचाने के लिए बापटला रवाना हुई है।
ओडिशा मुख्यमंत्री का शोक संदेश और मुआवजा
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने हादसे पर गहरा शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक को ₹4 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। सीएमओ द्वारा जारी पोस्ट में मृतकों की पहचान गंजाम और गजपति जिलों के निवासी के रूप में की गई है।
आंध्र प्रदेश की प्रतिक्रिया
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा और घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी ने इसे “हृदयविदारक” बताते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों को तत्काल सहायता की मांग की।
घायलों की स्थिति और अस्पतालों में भर्ती
ओडिशा सरकार के एक अधिकारी के अनुसार, हादसे में घायल कम से कम आठ ओडिया मजदूरों को आंध्र प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सभी घायलों की हालत की निगरानी की जा रही है।
प्रशासनिक समन्वय
गंजाम जिले के जिलाधिकारी कीर्ति वासन वी ने जानकारी दी कि पोस्टमार्टम के बाद शवों को ओडिशा लाने की सभी तैयारियां कर ली गई हैं। ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने भी हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों को श्रद्धांजलि दी और सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।