तमिलनाडु आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने आंध्र प्रदेश के अन्नामय्या जिले में दो फरार आतंकियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। खुफिया सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में अबूबकर सिद्दीकी और उसके सहयोगी मोहम्मद अली उर्फ यूनुस/मंसूर को दबोचा गया।
आडवाणी की रथयात्रा पर हमले की रची थी साजिश
पुलिस के अनुसार, अबूबकर सिद्दीकी 1993 में मदुरै में पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा के दौरान पाइप बम लगाने की साजिश में शामिल था। 30 वर्षों से फरार चल रहे इस आरोपी को अब जाकर गिरफ्तार किया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए ₹5 लाख का इनाम भी घोषित था।
कई बम धमाकों और सांप्रदायिक घटनाओं में रहा शामिल
सिद्दीकी दक्षिण भारत में हुए कई बड़े बम धमाकों में भी शामिल रहा है। इनमें शामिल हैं:
1995 चिंताद्रिपेट में हिंदू मुन्नानी कार्यालय पर बम हमला
1995 नागौर में टी. मुथुकृष्णन की पार्सल बम से हत्या
1999 एग्मोर चेन्नई पुलिस कमिश्नर कार्यालय में बम विस्फोट
तिरुचिरापल्ली, कोयंबटूर और केरल में भी बम विस्फोटों की साजिश
ATS और केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई
तमिलनाडु ATS और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की संयुक्त निगरानी के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ये आरोपी तीन दशक से पुलिस की नजरों से बचते फिर रहे थे। पुलिस ने उन्हें आतंकवाद और सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े मामलों में लंबे समय से वांछित घोषित किया हुआ था।