NATIONAL THOUGHTS

A Web Portal Of Positive Journalism 

“साथी की जान बचाकर शहीद हुए 23 वर्षीय लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी”

Share This Post

सिक्किम में तैनात सेना के युवा अधिकारी लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी ड्यूटी के दौरान एक साथी को बचाते हुए शहीद हो गए। वह सिक्किम स्काउट्स रेजिमेंट के अंतर्गत एक दल का नेतृत्व कर रहे थे, जब उनके दल का एक सैनिक – अग्निवीर स्टीफन सुब्बा – तेज बहाव वाली नदी में फिसलकर गिर पड़ा।

बिना हिचकिचाए कूदा अधिकारी, साथी को बचाया – खुद बह गए

शशांक तिवारी ने बिना कोई देर किए सैनिक को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। नायक पुकार कटेल भी सहायता के लिए पानी में उतरे। दोनों ने मिलकर अग्निवीर को बचा लिया, लेकिन इस प्रयास में शशांक नदी की तेज धारा में बह गए। उनका शव 800 मीटर दूर मिला। सेना ने उनके बलिदान को ‘‘प्रेरणा की मिसाल’’ बताया।

छह महीने पहले सेना में हुए थे शामिल, अयोध्या के थे निवासी

लेफ्टिनेंट शशांक को छह महीने पहले ही सेना में कमीशन मिला था। वह अयोध्या के गद्दोपुर क्षेत्र के निवासी थे और अपने परिवार के इकलौते पुत्र थे। 2019 में एनडीए पास करने के बाद उन्होंने प्रशिक्षण पूरा कर पहली पोस्टिंग सिक्किम में संभाली थी।

अंतिम विदाई: पूरे सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर विशेष सैन्य विमान से सिलीगुड़ी से अयोध्या लाया गया। शनिवार को जामथरा घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके पिता, जो मर्चेंट नेवी में हैं, अमेरिका से रवाना हो चुके हैं और अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।

राज्य सरकार की श्रद्धांजलि: स्मारक और आर्थिक सहायता

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके अदम्य साहस की सराहना करते हुए घोषणा की कि अयोध्या में उनके नाम पर एक स्मारक बनेगा। साथ ही, शोक संतप्त परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *