उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता जनता, खासकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सुरक्षित वातावरण के बिना विकास संभव नहीं है।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर फोकस
लखनऊ में FICCI FLO की इंटर-स्टेट मीटिंग को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा,
“जब आधी आबादी आगे बढ़ेगी, तो देश आगे बढ़ेगा।”
उन्होंने कहा कि तरक्की तभी संभव है जब सभी को साथ लेकर चला जाए और महिलाओं को मज़बूत बनाया जाए। किसी भी समाज के लिए अपनी आधी आबादी को नज़रअंदाज़ कर आत्मनिर्भर बनना असंभव है।
सत्ता में आने के समय असुरक्षा का माहौल
मुख्यमंत्री ने बताया कि जब भाजपा 2017 में सत्ता में आई, तब प्रदेश में असुरक्षा और खराब कानून-व्यवस्था का माहौल था।
उन्होंने कहा,
“न तो व्यापारी, उद्योगपति और न ही बाजार की बेटियां सुरक्षित थीं। इसलिए हमारी पहली प्राथमिकता सुरक्षा थी।”
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले साढ़े आठ वर्षों में यूपी ने “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत बड़ी छलांग लगाई है और आज राज्य देश में एक आदर्श रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की सुरक्षा ही पूंजी और विकास की नींव है।
महिला नेतृत्व को प्रोत्साहन
सीएम ने FICCI FLO की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण काम कर रहा है। उन्होंने संगठन से ज़मीनी स्तर तक अपनी पहुंच बढ़ाने का आग्रह किया।
वर्कफोर्स और पुलिस में महिलाओं की बढ़ी भागीदारी
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि 2017 में यूपी की वर्कफोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी 12–15% थी, जो अब बढ़कर 35–36% हो गई है।
पुलिस भर्ती में 20% कोटा लागू होने के बाद यूपी पुलिस में महिलाओं की संख्या 10,000 से बढ़कर 44,000 हो गई है।