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राम मंदिर हो या NEET परीक्षा, कार्रवाई दिखनी चाहिए

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आजकल दो मुद्दों पर हर जगह चर्चा, विरोध प्रदर्शन, राजनीति हो रही है। वो है 

  1. पेपर लीक काण्ड 2. श्री राम मन्दिर चोरी काण्ड 

इन दोनों मुद्दों पर जनता के मन को ठेस पहुंचना स्वाभाविक है। क्योंकि यह सारी जनता या कहिए मानवता से जुड़े हुए प्रकरण हैं। यह अपराध ही नहीं पाप हैं। सभी की भावनाओं को आहत करने वाले हैं, किसी व्यक्ति विशेष से जुड़े नहीं हैं। इसका राजनीतिक दल अपने स्वार्थ के लिए लाभ उठाने की पूरी कोशिश करेगें । 

यद्यपि सरकार अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रही है कि ऐसे काण्ड दोबारा ना हो और अपराधियों को जल्द सजा मिले। लेकिन इन कोशिशों से जनता के मन को संतुष्टि नहीं मिल रही है। इसके लिए ऐसा कोई कदम उठाया जाना चाहिए जैसा योगी जी उत्तरप्रदेश में अपराध जगत के साथ कर रहे हैं।  इसी प्रकार बंगाल में श्री शुभेंदु जी की सरकार जो कार्य कर रही है, जनता को उससे संतुष्टि मिल रही है। इसी प्रकार भारत सरकार को भी कुछ ऐसे कदम उठाने चाहिए जो जनता को दिखाई दें। 

इसमें मेरा एक सुझाव है कि सरकार को इस बारे एक कानून बनाना चाहिए जिसमें ऐसे अपराध (जो जनता की भावनाओं से खिलवाड़ करते हो या ठेस पहुंचाते हों) के लिए आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान होना चाहिए। कम से कम 10 वर्ष – और अधिकतम आजीवन कारावास की सजा । फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से 6 महीने मे फैसला होना चाहिए, ऐसे कार्य हत्या व बलात्कार से भी अधिक समाज को ठेस पहुंचाने वाले हैं। इससे पूरी जनता के मन को संतुष्टि मिलेगी कि सरकार अपनी ओर से पूरा कार्य कर रही है और देश के विरोधी इसका लाभ नहीं उठा पायेगें ।

इस बारे में छात्रों को या राम भक्तों को भी एक बात अच्छी तरह समझनी चाहिए कि लालच के कारण या अपनी कुर्सी की लालसा के कारण या किसी अन्य स्वार्थ – ईर्ष्या के कारण कुछ लोग देश से भी गद्दारी कर लेते हैं। देश की ही संपत्ति को हानि पहुंचाने लगते हैं। आज के इन मुद्दों का भी कुछ विदेशी शक्तियाँ भारत को कमज़ोर करने के लिए लाभ उठाने की कोशिश करेंगी। ऐसे तत्वों से बचना प्रदर्शन करने वालों की जिम्मेदारी है। सख्त कानून बनाना और दोषियों पर कार्यवाही दिखनी चाहिए – ये सरकार की जिम्मेदारी है।

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