चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस समय एक नई और अप्रत्याशित परेशानी में फंस गए हैं। इस बार उन्हें इस मुसीबत से निकालने वाला कोई और नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मॉडल ही हो सकता है। चीन को इस जाल में उसके ही दोस्त पाकिस्तान ने फंसाया है। खबरें आ रही हैं कि पाकिस्तान ने चीन की आधी जनसंख्या को इस्लाम में परिवर्तित करने की साजिश रची है। बीजिंग से लेकर शंघाई तक चीनी लड़कियों को टारगेट बनाया जा रहा है, जिससे जिनपिंग की टेंशन बढ़ गई है।
जिनपिंग के ऑफिस में गूंज रहा है योगी का बयान!
सूत्रों के अनुसार, शी जिनपिंग के कार्यालय में बार-बार यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान चलाया जा रहा है, जिसमें वे कहते हैं:
“यूपी सरकार लव जिहाद को रोकने के लिए सख्ती से कार्य करेगी। सुधरे नहीं तो राम नाम सत्य है यात्रा निकलने वाली है!”
योगी आदित्यनाथ का यह बयान भारत में तो पहले ही लोकप्रिय था, लेकिन अब चीन में भी चर्चा का विषय बन गया है। जिनपिंग का प्रशासन इस बयान और योगी की नीतियों का गहराई से अध्ययन कर रहा है।
पाकिस्तानी लड़कों का ‘लव जिहाद’ मिशन
दरअसल, हाल ही में एक पाकिस्तानी युवक जीशान अली ने चीन की एक लड़की से शादी कर उसे पाकिस्तान ले गया। इस घटना से चीन में हड़कंप मच गया। वायरल वीडियो में जीशान अली गर्व से कहता दिख रहा है—
“हमारी दोस्ती फेसबुक पर हुई थी, जो मोहब्बत में बदल गई। अब यह चीन से पाकिस्तान आई है और हमने निकाह कर लिया। अब यह मुसलमान बन गई है।”
चीन के सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर काफी आक्रोश देखा जा रहा है।
पाकिस्तान में ‘धार्मिक परिवर्तन उद्योग’ का पर्दाफाश!
पाकिस्तानी मीडिया इस पूरे मामले को केवल ‘लव स्टोरी’ बताकर प्रचारित कर रहा है, लेकिन असली सच्चाई कुछ और है।
पाकिस्तानी युवक चीनी लड़कियों को अपने जाल में फंसाते हैं।
भरोसे में लेकर उन्हें पाकिस्तान बुलाते हैं।
वहां मौलवी और धार्मिक संस्थान जबरन उनका धर्म परिवर्तन करवा देते हैं।
यह साजिश बीजिंग से इस्लामाबाद तक फैली हुई है।
क्या चीन में चलेगा योगी मॉडल?
शी जिनपिंग, जिन्होंने अपने देश में मुसलमानों पर कई कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, अब पाकिस्तान की इस हरकत से बौखलाए हुए हैं। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें अपने ही सहयोगी देश से ऐसी चुनौती मिलेगी। अब बड़ा सवाल यह है—
क्या चीन में योगी आदित्यनाथ का ‘लव जिहाद विरोधी फॉर्मूला’ लागू होगा?
अगर हां, तो यह भारत की नीतियों के प्रभाव का एक और बड़ा उदाहरण होगा!