इमरान खान की रिहाई की मांग पर हिंसा
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों ने उनकी रिहाई की मांग को लेकर मंगलवार को राजधानी इस्लामाबाद में बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बंद शिपिंग कंटेनरों को तोड़ दिया, जिससे हिंसा भड़क उठी। इन झड़पों में अब तक कम से कम छह लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों का सामना किया और सरकार की धमकियों को अनदेखा करते हुए आक्रामक रुख अपनाया।
सरकार ने दिया “देखते ही गोली मारने” का आदेश
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन रोकने के लिए कड़े कदम उठाए। झड़पों के बीच, आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने चेतावनी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों ने गोलियां चलाईं, तो पुलिस भी गोली का जवाब गोली से देगी। इसके चलते सुरक्षा बलों को “देखते ही गोली मारने” का आदेश दिया गया।
डी-चौक पर फिर शुरू हुआ प्रदर्शन
इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी के नेतृत्व में रविवार को शुरू हुआ विरोध मार्च सोमवार को इस्लामाबाद पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने डी-चौक के करीब कई रणनीतिक इमारतों की ओर मार्च किया। सुरक्षा बलों के भारी बंदोबस्त के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने मार्च जारी रखा।
शहबाज शरीफ का बयान
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि “एक अराजकतावादी समूह जानबूझकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों को निशाना बना रहा है।” हालांकि, हिंसा के लिए जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है।
सोशल मीडिया पर वीडियो
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में इमरान खान के समर्थकों को गैस मास्क और सुरक्षात्मक चश्मे पहने हुए देखा गया। प्रदर्शनकारियों के चलते इस्लामाबाद और अन्य शहरों के बीच आवागमन लगभग ठप हो गया। पंजाब प्रांत में सड़कों को शिपिंग कंटेनरों से अवरुद्ध कर दिया गया, जिससे एम्बुलेंस और वाहनों को वापस लौटना पड़ा।
हिंसा का असर
इस हिंसा के चलते राजधानी और अन्य इलाकों में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं, और आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। पुलिस प्रदर्शनकारियों पर नजर बनाए हुए है और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।