गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के जीवन में 1206 (12 जून) नंबर का विशेष महत्व था। यह अंक उन्होंने हमेशा अपने लकी चार्म के रूप में देखा—चाहे वह स्कूटर हो या कार, सभी वाहनों की नंबर प्लेट पर यही अंक होता था। लेकिन 12 जून को ही हुई विमान दुर्घटना ने इस अंक को दुर्भाग्य का प्रतीक बना दिया।
लंदन की यात्रा बनी अंतिम सफर
विजय रूपाणी उस एयर इंडिया की उड़ान में सवार थे जो अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। वह लंदन जा रहे थे, जहां उनकी पत्नी और बेटी उनका इंतजार कर रही थीं।
दरअसल, रूपाणी को 5 जून को ही रवाना होना था, लेकिन पंजाब की लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट पर उपचुनाव के प्रचार के कारण उन्होंने अपनी यात्रा स्थगित कर दी थी। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने बताया कि “भाग्य को कुछ और ही मंजूर था।”
राजकोट में शोक की लहर
विजय रूपाणी का राजकोट से गहरा जुड़ाव था। वहाँ वे एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में जाने जाते थे। उनके पड़ोसियों और समर्थकों ने उन्हें सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि एक मित्र, मार्गदर्शक और विनम्र इंसान के रूप में याद किया।
एक पड़ोसी ने भावुक होकर कहा, “हमारे लिए वह विजयभाई थे – नेता नहीं, हमारे अपने।”
परिवार में मातम, रिश्तेदार विदेशों से लौट रहे
उनके भतीजे मेहुल रूपाणी ने बताया, “चाचा की अचानक मृत्यु से परिवार पूरी तरह टूट गया है। अंजलि आंटी और उनकी बेटी लंदन से लौट आई हैं। अन्य रिश्तेदार अमेरिका से आ रहे हैं।”
वहीं, उनके निजी सहायक शैलेश मंडालिया ने कहा, “मैंने उन्हें एयरपोर्ट पर छोड़ा था, कुछ ही मिनटों बाद दुर्घटना की खबर मिल गई।”
जीवन परिचय: रंगून से राजकोट और फिर मुख्यमंत्री पद तक
विजय रूपाणी का जन्म 2 अगस्त 1956 को म्यांमार (तब रंगून) में एक जैन परिवार में हुआ था। 1960 में म्यांमार की राजनीतिक अस्थिरता के कारण उनका परिवार राजकोट आ गया।
वे राज्यसभा सांसद, गुजरात विधानसभा सदस्य, और दो बार गुजरात के मुख्यमंत्री भी रहे।
अंतिम विदाई की तैयारी
भाजपा नेता विजय रूपाणी की पत्नी अंजलि रूपाणी गांधीनगर स्थित आवास पर पहुंच गई हैं। गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी उन्हें लेने अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंचे थे। अब सरकारी प्रक्रिया के अनुसार उनके पार्थिव शरीर को लाने की व्यवस्था की जा रही है।