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वीडियो | ओवैसी ने उग्र अंदाज़ में बिलावल भुट्टो को सुनाई खरी-खोटी

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22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तानी नेता बिलावल भुट्टो जरदारी के भड़काऊ बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। ओवैसी ने भुट्टो को उनकी मां बेनजीर भुट्टो की आतंकवादियों द्वारा की गई हत्या की याद दिलाते हुए संयम बरतने की सलाह दी।

भुट्टो के “खून बहेगा” बयान पर ओवैसी का तीखा हमला

छत्रपति संभाजीनगर में एएनआई से बातचीत के दौरान ओवैसी से सिंधु जल संधि को लेकर भुट्टो की टिप्पणी पर सवाल किया गया। भुट्टो ने कहा था, “सिंधु हमारी है और हमारी ही रहेगी; या तो पानी बहेगा या खून।” इस पर ओवैसी ने जवाब दिया, “बचकानी बातें मत करें। अपनी मां और दादा के साथ क्या हुआ था, याद करिए।”

आतंकवाद पर ओवैसी का तीखा प्रहार

ओवैसी ने पाकिस्तान के उन नेताओं पर भी निशाना साधा जो भारत को परमाणु हमले की धमकी देते हैं। उन्होंने कहा, “आपने निर्दोषों का धर्म पूछकर हत्या की है। आप ख़वारिज और ISIS से भी बदतर हैं।”

बेनजीर भुट्टो की हत्या का संदर्भ

ओवैसी ने बेनजीर भुट्टो की 2007 में रावलपिंडी में आत्मघाती हमले में हुई हत्या का जिक्र किया, जो आज भी एक अनसुलझा मामला है। हमले को अल-कायदा और तालिबान जैसे आतंकवादी संगठनों से जोड़ा गया था।

भारतीय नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

बिलावल भुट्टो की बयानबाजी पर भारतीय नेताओं ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “उनकी मानसिक स्थिति की जांच होनी चाहिए।”

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने टिप्पणी को “भड़काऊ” बताया और चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान ने कुछ किया तो उसे गंभीर जवाब मिलेगा।

सिंधु जल संधि पर ओवैसी का समर्थन

ओवैसी ने केंद्र सरकार द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “पानी के भंडारण की व्यवस्था करनी होगी, लेकिन हम सरकार के कदम के साथ हैं।”

सिंधु जल संधि का संक्षिप्त विवरण

विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई सिंधु जल संधि के तहत भारत को सतलुज, ब्यास और रावी नदियों पर विशेष अधिकार मिले थे, जबकि सिंधु, झेलम और चिनाब का जल पाकिस्तान को दिया गया था। अब संधि के निलंबन के बाद भारत इन नदियों के पानी का उपयोग बढ़ाने के विकल्प तलाश रहा है।

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