यो नो द्वेषत् पृथिवि यः पृतन्याद योऽमिदासान्मनसा यो वधेन।
तं नो भूमे रन्धय पूर्वकृत्वरि।।१४।।
(अथर्व०१२/१/१४)
हे मातृभुमि ! जो दुष्ट हमसे द्वेष करें, जो अत्याचारी सेना लेकर हम पर आक्रमण करे, जो वैचारिक आक्रमण करके हमे दिग्भ्रमित करे , जो परोक्ष रूप से हथियार के द्वारा हम पर घात करे, हे श्रेष्ठ एवं पूजनीय मातृभूमि! हम उसका सर्वनाश करेंगे।
O great and venerable motherland ! We will destroy those evil people who hate us, those who attack us with a tyrannical army, those who mislead us through ideological attacks and those who indirectly attack us with weapons.