भूस्खलन के कारण वैष्णो देवी यात्रा रोक दी गई है। कई श्रद्धालु रास्ते में फँसे हुए हैं और कुछ कटरा के होटलों में ठहरे हुए हैं। श्रद्धालुओं को प्रशासन ने बताया है कि रास्ते से मलबा हटने तक उन्हें इंतज़ार करना होगा।
श्रद्धालुओं के बयान
एक श्रद्धालु राजा कुमार ने एएनआई से कहा—
“यात्रा फिलहाल बंद है। हम दो दिन से होटल में ठहरे हैं। यहाँ से दर्शन किए बिना नहीं लौटेंगे। पहाड़ी पर रेड अलर्ट है और दुर्घटना भी हुई है। यात्रा कब शुरू होगी, कोई नहीं जानता।”
एक अन्य श्रद्धालु संजीव कुमार ने कहा—
“यात्रा बंद है और अलर्ट जारी है। हम माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के बाद ही लौटेंगे। प्रशासन इलाके को साफ़ करने में जुटा है।”
श्राइन बोर्ड की पहल
वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भूस्खलन में मारे गए श्रद्धालुओं के शवों को उनके पैतृक स्थानों तक पहुँचाने की ज़िम्मेदारी ली है।
हादसे का विवरण
जम्मू-कश्मीर के रियासी ज़िले के कटरा में मंगलवार दोपहर लगभग 3 बजे भारी बारिश के कारण यह भूस्खलन हुआ।
घटना अर्धकुंवारी स्थित इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास हुई।
हादसे में 30 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई और लगभग 20 लोग घायल हुए।
कटरा से मंदिर तक 12 किलोमीटर की यात्रा का लगभग आधा हिस्सा प्रभावित हुआ।
बाढ़ और मौसम की स्थिति
भारी बारिश के चलते जम्मू क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
तवी नदी उफान पर है, जिससे कई घरों और दुकानों को नुकसान पहुँचा।
बाढ़ के पानी ने चौथे तवी पुल और सड़क के हिस्से को बहा दिया।
मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि आज से बारिश की तीव्रता में कमी आएगी, लेकिन अगले 6–7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है।