माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए हर मौसम में श्रद्धालु यहाँ पहुँचते हैं। वर्षभर मां के दरबार के द्वार खुले रहते हैं और खासकर बारिश के मौसम में भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय से त्रिकुटा की पहाड़ियों पर लगातार हो रही बारिश के चलते तीर्थयात्रा पर असर पड़ा है।
तीसरी बार बंद हुआ हिमकोटि मार्ग
इस साल यह तीसरी बार है जब वैष्णो देवी का नया हिमकोटि मार्ग भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बंद करना पड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, हिमकोटि मार्ग पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है, जिसमें करीब 30 फीट तक मलबा और विशाल पत्थर मार्ग को अवरुद्ध कर रहे हैं।
बैटरी कार, केबल कार और हेलीकॉप्टर सेवा निलंबित
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बैटरी कार, केबल कार और हेलीकॉप्टर सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से राहत और निकासी अभियान तुरंत शुरू किया है।
तीर्थयात्रा पुराने मार्ग से जारी
नया मार्ग बंद होने के बावजूद तीर्थयात्रियों को पारंपरिक पुराने मार्ग से दर्शन की अनुमति दी गई है। श्राइन बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया, “श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है, इसलिए यात्रा को पुराने मार्ग पर मोड़ दिया गया है। हमारी टीमें आपदा प्रबंधन कर्मियों के साथ मिलकर युद्धस्तर पर मलबा हटाने का काम कर रही हैं।”
श्रद्धालुओं से सतर्कता की अपील
अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत मार्गों का ही उपयोग करें, मौसम से जुड़ी सलाहों का पालन करें और सतर्क रहें। साथ ही, मार्गदर्शन के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को भी तैनात किया गया है।
कोई हताहत नहीं, यात्रा सुरक्षित
सौभाग्यवश इस भूस्खलन की घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। तीर्थयात्रा फिलहाल पुराने मार्ग से सुरक्षित ढंग से जारी है और किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी प्रबंध किए जा रहे हैं।