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वैकुंठ एकादशी: मुक्कोटी एकादशी क्यों कहलाती है?

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वैकुंठ एकादशी को मुक्कोटी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस पावन तिथि पर भगवान श्रीमहाविष्णु की विधिवत पूजा और दर्शन किए जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं और मोक्ष का द्वार खुला रहता है।

एकादशी क्या है?

एकादशी हिंदू पंचांग की एक महत्वपूर्ण तिथि है। यह संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है ‘ग्यारहवां’। वैदिक कैलेंडर के अनुसार, प्रत्येक चंद्र मास के शुक्ल और कृष्ण पक्ष का ग्यारहवां दिन एकादशी कहलाता है।
एक वर्ष में सामान्यतः 24 एकादशी होती हैं, जबकि कुछ विशेष वर्षों में 26 एकादशी भी पड़ सकती हैं।

वैकुंठ एकादशी के पीछे की पौराणिक कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, मुर नामक राक्षस देवताओं को अत्यधिक कष्ट देता था। उसके अत्याचारों से परेशान होकर देवताओं ने भगवान शिव की शरण ली। भगवान शिव ने उन्हें भगवान विष्णु के पास भेजा।

भगवान विष्णु और राक्षस मुर के बीच भीषण युद्ध हुआ, लेकिन मुर का अंत संभव नहीं हो पा रहा था। तब भगवान विष्णु भद्रिकाश्रम की एक गुफा में गए, जहाँ देवी हैमवती निवास करती थीं। विश्राम के दौरान, विष्णु के शरीर से एक दिव्य शक्ति प्रकट हुई, जिसने राक्षस मुर का वध कर दिया।

भगवान विष्णु ने उस दिव्य शक्ति को ‘एकादशी’ नाम दिया। एकादशी देवी के वरदान अनुरोध पर, जिस दिन उनका प्राकट्य हुआ, वह दिन वैकुंठ एकादशी के रूप में प्रसिद्ध हुआ।

वैकुंठ (मुक्कोटी) एकादशी का धार्मिक महत्व

सभी एकादशियों में वैकुंठ एकादशी को सर्वोच्च माना गया है। इसे मुक्कोटी एकादशी भी कहा जाता है।
मान्यता है कि इस दिन स्वर्ग के द्वार खुले रहते हैं और भगवान विष्णु सभी भक्तों को बिना भेदभाव के आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

इस दिन व्रत रखने से जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिलती है

विष्णु पुराण के अनुसार, वैकुंठ एकादशी का व्रत साल की बाकी 23 एकादशियों के बराबर फल देता है

वैष्णव संत नम्माझवार ने इसी दिन मोक्ष प्राप्त किया था

इस दिन रात्रि जागरण से कुंडलिनी ऊर्जा जागृत होती है

वैकुंठ एकादशी पर ज़रूर करें ये शुभ कार्य

विष्णु नाम और मंत्रों का जाप

भगवान विष्णु के नाम—माधव, केशव, दामोदर, राम, कृष्ण आदि—का जाप अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।
इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ विशेष फलदायी होता है।

पवित्र ग्रंथों का पाठ

वैकुंठ एकादशी पर इन ग्रंथों का अध्ययन करना अत्यंत शुभ माना जाता है:

भगवद गीता

विष्णु पुराण

श्रीमद्भागवत महापुराण

इनमें से किसी एक का भी पाठ करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।

विष्णु मंदिर दर्शन

इस दिन किसी विष्णु मंदिर में दर्शन करना शुभ माना जाता है। प्रमुख मंदिर हैं:

तिरुपति बालाजी

बद्रीनाथ धाम

पुरी जगन्नाथ मंदिर

श्रीरंगम रंगनाथस्वामी मंदिर

पंढरपुर विठोबा मंदिर

गुरुवायूर कृष्ण मंदिर

व्रत रखने की विधि

वैकुंठ एकादशी पर व्रत रखना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। व्रत के प्रकार:

निर्जला व्रत (बिना जल)

केवल फलाहार

एक समय भोजन

दूध और तुलसी जल का सेवन

अपनी सेहत के अनुसार व्रत का चयन करें।

रात्रि जागरण

महाशिवरात्रि की तरह, इस दिन रात्रि जागरण का विशेष महत्व है। भक्त भजन-कीर्तन, कथा श्रवण और नाम-स्मरण करते हैं।

पूजा-पाठ की विधि

भगवान विष्णु को पुष्प, माला, दीप और धूप अर्पित करें

मूर्ति होने पर दूध, दही, चंदन आदि से अभिषेक करें

भोग में फल, दूध, मिठाई और सात्विक भोजन अर्पित करें

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