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उत्तराखंड हिमस्खलन: 47 मजदूर बचाए गए, 8 की तलाश जारी, ग्राउंड जीरो पर पहुंचे CM धामी

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उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा में शुक्रवार को हुए भीषण हिमस्खलन में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। भारतीय सेना, आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीमें हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू मिशन के तहत लगातार अभियान चला रही हैं। अब तक 55 में से 47 मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि 8 मजदूरों की तलाश जारी है।

हवाई मार्ग से जोशीमठ पहुंचाए गए मजदूर

हिमस्खलन के कारण फंसे बीआरओ कर्मियों को हवाई मार्ग से जोशीमठ लाया जा रहा है। राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। मौसम की चुनौतियों के बावजूद जवान लगातार फंसे मजदूरों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं।

उत्तराखंड सरकार के संपर्क में यूपी सरकार

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तराखंड सरकार लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई है। यूपी सरकार भी फंसे मजदूरों और उनके परिजनों के संपर्क में है और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रही है।

रेस्क्यू अभियान में जुटी सेना और SDRF

आईटीबीपी के जवानों ने ऑपरेशन तेज कर दिया है।

हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीमों को सहस्रधारा, गोचर और जॉलीग्रांट में तैनात किया गया है।

टीमों के पास सेटेलाइट फोन और अत्याधुनिक उपकरण मौजूद हैं।

एम्स ऋषिकेश को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

सीएम धामी ने घटनास्थल का किया दौरा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जोशीमठ आर्मी हेलीपैड पहुंचे, जहां उन्होंने बचाए गए घायलों से मुलाकात की। सीएम धामी ने आपदा प्रबंधन केंद्र का भी दौरा किया और बचाव कार्य की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद की जाएगी।

अभी भी एक कंटेनर में फंसे हैं मजदूर

सूत्रों के मुताबिक, हिमस्खलन के कारण कुछ मजदूर एक कंटेनर में फंसे हुए हैं, जो पूरी तरह से बर्फ में दब चुका है। मौसम खुलते ही बचाव अभियान और तेज किया जाएगा।

उत्तराखंड में बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। अब तक 47 मजदूरों को बचाया जा चुका है, जबकि 8 की तलाश की जा रही है। सेना, आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीमें मौसम में सुधार होते ही ऑपरेशन और तेज करेंगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी घटनास्थल पर हालात की समीक्षा कर रहे हैं और प्रभावितों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

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