उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में आए तूफान, बारिश और ओलावृष्टि के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित जिलों के अधिकारियों को तुरंत राहत कार्य शुरू करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को प्रभावित इलाकों का दौरा कर नुकसान का सर्वेक्षण करना चाहिए और राहत कार्यों की कड़ी निगरानी करनी चाहिए।
प्रभावितों को तत्काल राहत और चिकित्सा सुविधा
सीएम ने कहा है कि मानव और पशु हानि होने पर प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत राशि दी जाए और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
फसलों के नुकसान का जायजा और जल निकासी
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे फसलों के नुकसान का सर्वे करें और रिपोर्ट सरकार को भेजें ताकि प्रभावी कदम उठाए जा सकें। जलभराव की स्थिति में प्राथमिकता के आधार पर जल निकासी सुनिश्चित की जाए।
कोविड-19 पर समीक्षा और सतर्कता
21 मई को मुख्यमंत्री ने कोविड-19 की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए जनता को आश्वस्त किया कि राज्य में तत्काल कोई चिंता की बात नहीं है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर जेएन.1 सबवेरिएंट के बढ़ते मामलों को देखते हुए सतर्कता जरूरी है।
स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती और हाई अलर्ट
सभी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और स्वास्थ्य इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने 10-बेड वाले आईसीयू, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन प्लांट की नियमित जांच और रखरखाव पर जोर दिया।
मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए तैयारी
डेंगू, मलेरिया और कालाजार जैसी बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
समर्पित स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का आश्वासन
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कोविड-19 और अन्य स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं सतर्क और सक्षम हैं।