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Union Minister Dr. Jitendra Singh’s statement : भारत का उद्देश्य नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य पूरा करने के लिए

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नई दिल्ली, (नेशनल थॉट्स ) –  केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि India पंचामृत कार्य योजना के तहत अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सजग है। इसमें 2030 तक 500 gigawatt की गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता, नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का कम से कम आधा हिस्सा प्राप्त करना, कार्बन उत्सर्जन को 2030 तक एक बिलियन टन तक कम करना, कार्बन तीव्रता को 45 % से कम करना, और 2070 तक net-zero उत्सर्जन लक्ष्य को पूरा करने का योजना है।

प्रधानमंत्री की जलवायु कार्य योजना: गति बढ़ाने का इरादा
Prime Minister Modi के पर्यावरण कार्यक्रम में सुधार की इच्छा है। उन्होंने United Kingdom में आयोजित जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के सभी पक्षकारों के सम्मेलन में भारत की जलवायु कार्य योजना के पांच अमृत तत्वों (पंचामृत) का प्रस्तुतीकरण किया। इससे जुड़े MI और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के साथ, भारत जलवायु परिवर्तन के संबंध में गति बढ़ाने का इरादा दिखाता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: भारत की प्रतिबद्धता
डॉ. जितेंद्र सिंह ने जी 20 शिखर सम्मेलन के बारे में बताया और भारत की ‘Lifestyle for Environment Mission’ (लाइफ) को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता की बात की। उन्होंने artifical Intelligence को बढ़ावा देने का प्रस्ताव दिया और G20 के नवाचारों और हरित विकास के लिए संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को समर्थन दिया।

जैव ऊर्जा केंद्र: भारत की योगदान
भारत ने जीबीए के तहत World Biofuels Alliance के साथ मिलकर अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसमें 2070 तक net-zero उत्सर्जन लक्ष्य शामिल हैं। डॉ. सिंह ने इसके साथ ही भारत ने जैव आधारित अर्थव्यवस्था के लिए एक रोडमैप और रणनीति विकसित की है जो 2025 तक 150 बिलियन डॉलर की दिशा में आगे बढ़ रही है।

परमाणु स्रोतों से विद्युत: भारत का योगदान
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2047 तक भारत के परमाणु स्रोतों से विद्युत का लगभग 9 प्रतिशत योगदान हो सकता है, जिसका अनुमान है। परमाणु ऊर्जा विभाग का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक परमाणु ऊर्जा उत्पादन की 20 gigawatt क्षमता प्राप्त की जाए, जिससे भारत को परमाणु ऊर्जा के तीसरे सबसे बड़े उत्पादक देश के रूप में स्थापित किया जा सकता है।

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